18 February 2019



प्रादेशिक
सरकार पीड़ित बच्ची का विदेश में भी इलाज कराने तैयार
23-04-2013
सिवनी जिले के घंसौर में दुष्कर्म की शिकार हुई पांच वषर्षीय मासूम बच्ची की नागपुर के अस्पताल में हालत नाजुक बनी हुई है। सोमवार देर शाम गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता उसकी कुशलक्षेम पूछने नागपुर पहुंचे। उधर आरोपी की तलाश में मप्र पुलिस की टीम बिहार पहुंच गई है, बिहार पुलिस भी खोजबीन में मदद कर रही है। गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता ने रात आठ बजे नागपुर के अस्पताल पहुंचकर के स्वास्थ्य की जानकारी हासिल की। उन्होंने चिकित्सकों और बच्ची के माता-पिता कहा कि देश-विदेश में यदि इससे बेहतर इलाज हो सकता है तो मप्र सरकार पूरा इंतजाम करेगी। फोन पर हुई चर्चा में गृहमंत्री गुप्ता ने बताया कि बच्ची की स्थिति क्रिटिकल है। डॉक्टर्स उसे बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले आरोपी फैजान के बारे में पूछने पर उन्होंने आश्वस्त किया कि हम उसे जल्दी ही ढूंढ निकालेंगे। पुलिस और एसटीएफ की टीम उसके संभावित छिपने के स्थानों पर छापेमारी कर रही है। एक टीम बिहार भी भेजी गई है। बिहार पुलिस भी सक्रिय घंसौर सहित प्रदेश विभिन्न क्षेत्रों में हुई दुष्कर्म की अन्य घटनाओं को लेकर नागरिकों का आक्रोश बढ़ रहा है। आरोपी फैजान की तलाश में पुलिस की टीम ने बिहार पहुंचकर अपनी दबिश बढ़ा दी है। डीजीपी नंदन दुबे ने बताया कि उनकी बिहार के पुलिस महानिदेशक से चर्चा हुई है। बिहार पुलिस भी खोजबीन में पूरी मदद कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि राऊ में हुई घटना का आरोपी पुलिस गिरफ्त में आ चुका है। छिंदवाड़ा, झिरन्या और दमोह में हुई घटना के सिलसिले में भी उन्होंने संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। 8 दुष्कर्मियों को फांसी की सजा डीजीपी दुबे ने बताया कि इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय हैं लेकिन हमारी सफलता तब है जब हम ऐसी घटनाओं की रोकथाम कर पाएं। इसके लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मप्र में बलात्कार संबंधी मामलों पर तत्परता और सख्ती से कार्रवाई हो रही है। हाल ही के महीनों में 850 मामलों में चालान पेश किए गए। 37 प्रकरणों में आरोपियों को उम्रकैद और 8 दुष्कर्मियों को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। प्रदेश में महिला हेल्प लाइन खोली गई है। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही रोक थाम के उपायों के तहत महिला बाल विकास और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के समन्वय से भी प्रयास किए जा रहे हैं।