17 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
चीनी सैनिकों को द्वीपों से बलपूर्वक हटाएगा जापान
24-04-2013

टोक्यो। जापान के प्रधानमंत्री ने विवादित द्वीपों पर पहुंचने वाले चीनी सैनिकों को बलपूर्वक हटाने की बात कही है। मंगलवार को चीन के आठ जहाज विवादास्पद द्वीपों के पास जापानी जल क्षेत्र में प्रवेश कर गए। टोक्यो के छियोड़ स्थित विवादित यासुकुनी स्मारक पर 170 जापानी सांसदों द्वारा श्रद्धांजलि दिए जाने के बाद विवादित द्वीपों पर दोनो देशों के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। यासुकुनी स्मारक 1910-1945 के बीच जापान के क्रूर औपनिवेशिक शासन का प्रतीक है, जिसके कारण चीन को काफी नुकसान उठाना पड़ा था। जापानी नेताओं द्वारा जब भी यासुकुनी स्मारक पर श्रद्धांजलि दी जाती है, तो चीन व दक्षिण कोरिया आक्रामक रुख अख्तियार कर लेते हैं। चीन के जहाजों के विवादित द्वीप के पास जापानी जल क्षेत्र में घुसने के बाद टोक्यो ने जापान में चीन के राजदूत को समन जारी किया। टोक्यो द्वारा पिछले साल सितंबर में द्वीपसमूह के एक हिस्से का राष्ट्रीयकरण करने के बाद पहली बार एक ही दिन में जहाजों ने इतनी बड़ी संख्या में प्रवेश किया है। यह द्वीप प्राकृति संपदा से भरपूर हैं। प्रधानमंत्री शिंजो एबे ने कहा है कि पूर्वी चीन सागर में द्वीपसमूह पर किसी भी चीनी सैनिक के पहुंचने पर उसे बलपूर्वक हटा दिया जाएगा। एबे ने सांसदों के सवाल के जवाब में कहा, \'हम किसी भी तरह की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं करेंगे। अगर चीन ऐसा करता है, तो सैन्य कार्यवाई की जाएगी।\' जापान में इन द्वीपों को सेनकाकू और चीन में दियाओउ कहा जाता है।