17 February 2019



प्रादेशिक
आईएएस की पत्नी मंदा थेटे को सजा
25-04-2013
लोकायुक्त कोर्ट ने आईएएस रमेश शिवराम थेटे की पत्नी मंदा थेटे व अपेक्स बैंक जबलपुर के पूर्व मैनेजर केशव देशपांडे को डेढ़-डेढ़ वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही बीस-बीस हजार रपए का जुर्माना ठोंक दिया। मामला अपेक्स बैंक से फर्जी तरीके से लोन लेने के आरोप से संबंधित था। लोकायुक्त के विशेष न्यायाधीश विमल प्रकाश शुक्ल की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान अभियोजन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक उदय चोलकर ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि आरोपी मंदा थेटे ने 2002 में अपेक्स बैंक जबलपुर से लोन लिया था। इसके लिए जिस मकान का गांरटी बतौर इस्तेमाल किया गया उसका मूल्य निर्धारण वास्तविक से अधिक किया गया। जिसके लिए मूल्यांकनकर्ता वीके सेठ को आरोपी बनाया गया था, जिनका अब निधन हो चुका है। शेष आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 467 व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला चल रहा है कोर्ट ने पूरे मामले पर गौर करने के बाद फर्जी तरीके से लोन लेने वाली आईएएस रमेश थेटे की पत्नी मंदा थेटे व नियम विरुद्घ लोन जारी करने वाले मैनेजर केशव देशपांडे के खिलाफ दोषसिद्ध पाकर सजा सुना दी। देशपांडे वर्तमान में भोपाल में कार्यरत हैं। कोर्ट ने मामले के अन्य आरोपी आईएएस रमेश थेटे को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।