19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
सरबजीत को मौत के घाट उतारना चाहते थे हमलावर
28-04-2013
भारतीय कैदी सरबजीत सिंह पर किया गया हमला सुनियोजित था और हमले का उद्देश्य उस बम विस्फोट का बदला लेना था जिसके आरोप में वह इस समय पाकिस्तान की जेल में बंद है। हमले के आरोपियों ने इस बात को जांचकर्ताओं के समक्ष स्वीकार किया है। पुलिस उप महानिरीक्षक (कारागार) मलिक मुबाशिर द्वारा तैयार प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार हमले के मुख्य आरोपी आमेर आफताब और मुद्दस्सर सरबजीत से लाहौर बम विस्फोट का बदला लेना चाहते थे। 1990 में लाहौर में बम विस्फोट में कई लोगों की मौत हुई थी। सूत्रों के अनुसार मुबाशिर ने इस संदर्भ में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पंजाब प्रांत के गृह विभाग को सौंपी है। आमेर आफताब और मुद्दस्सर ने बताया कि उन्होंने सरबजीत को मारने के लिए धार वाले चम्मच, घी के डिब्बे से टीन के ब्लेड बनाए और ईटें एकत्र कीं। हमें मौका मिला और हमने अपनी साजिश को आसानी से अंजाम दे दिया। दोनों आरोपियों का यह बयान रिपोर्ट में उद्धत किया गया है। जांचकर्ताओं को दोनों इस बात का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए कि उन्होंने सरबजीत से कब नफरत करनी शुरू की और उसको मारने की साजिश कब रची, जबकि वे पिछले कई साल से सरबजीत के साथ कोट लखपत जेल में ही बंद हैं। सरबजीत पिछले 21 सालों से तथा मुद्दस्सर 2005 और आमिर 2009 से कोट लखपत जेल में बंद है। जांचकर्ताओं के समक्ष उन्होंने किसी आतंकी या कट्टर धार्मिक समूह से जुड़े होने से इनकार किया। परंतु वे इस बात का भी संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके कि क्या उनको इस हमले के लिए किसी ने उकसाया था या फिर किसी ने कोई मदद की थी। उल्लेखनीय है कि पाक की कोट लखपत जेल में फांसी की सजा का सामना कर रहे भारतीय कैदी सरबजीत सिंह पर हुए जानलेवा हमले की घटना में दो कैदियों के खिलाफ हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया गया है  हमले के मुख्य आरोपी आमिर और मुदस्सर के खिलाफ हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया गया है। शुक्रवार को हुए इस हमले में सरबजीत के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक, दोनों कैदियों ने बैरक नंबर 7 के दरवाजे के खुलते ही सरबजीत पर हमला कर दिया। पंजाब प्राइजंस डिपार्टमेंट के एक सूत्र ने बताया कि सरबजीत बैरक नंबर 7 में रह रहे थे तथा उन्हें टहलने के लिए शाम पांच बजे चारदिवारी से घिरे आंगन में निकाला गया था। उसी वक्त इस बैरक नंबर 7-ए और 7-बी के दो कैदियों ने उन पर धारदार हथियार से हमला किया। गौरतलब है कि सरबजीत सिंह पर 1990 में पाक में बम धमाकों में हिस्सा लेने का आरोप है। इन हमलों में 14 लोग मारे गए थे। लेकिन, सरबजीत का परिवार इन आरोपों से इनकार करता है. परिवार के मुताबिक धमाकों में हिस्सा लेने वाले कोई दूसरे लोग थे और ये गलत पहचान का मामला है। भारत कई स्तर पर सरबजीत के लिए रिहाई का मसला उठा चुका है। लेकिन जितना भारत इस मामले पर जोर देता है उतना ही पाकिस्तान में सरबजीत का विरोध बढ़ जाता है। हाल ही में सरबजीत के वकील को धमकी देने का मामला सामने आया था।