19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
पाकिस्तान: वोट की सियासत
30-04-2013

नई दिल्ली। भले ही पाकिस्तानी सियासत की धुरी भारत विरोध की रही हो, लेकिन 11 मई को वहां होने जा रहे ऐतिहासिक चुनाव में सभी सियासी पार्टियों के स्वर में अतीत की तुलना में बदलाव दिख रहा है। सभी महत्वपूर्ण पार्टियों ने अपने घोषणापत्र में भारत के साथ मधुर संबंध बहाल करने की इच्छा जताई है। पाकिस्तान मुस्लिम लीग : नवाज शरीफ की इस पार्टी ने घोषणापत्र के कवर पर स्ट्रांग इकोनॉमी-स्ट्रांग पाकिस्तान (मजबूत अर्थव्यस्था-मजबूत पाकिस्तान) का नारा दिया है। भारत की तरफ स्पष्ट इशारा करते हुए कहा गया है कि जिन देशों के साथ मतभेद हैं, उनके साथ शांतिपूर्ण तरीके से संबंध सुधारने की कोशिश की जाएगी। पड़ोसियों के साथ मधुर और सहयोगपूर्ण संबंध स्थापित किए जाएंगे। कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। गैस पाइपलाइन के लिए भारत, अफगानिस्तान और मध्य एशियाई गणराज्यों (सीएआर) को जोड़ा जाएगा। ईरान से लेकर अरब सागर तक पहुंच बनाने की कोशिश होगी। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी): आसिफ अली जरदारी की इस पार्टी ने पिछले पांच सालों में भारत के साथ संबंध सुधारने के लिए खुद को श्रेय दिया है। भारत के साथ व्यापारिक संबंध, ईरान-पाकिस्तान गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट और अफगानिस्तान के साथ व्यापारिक समझौतों की शुरुआत को यह पार्टी अपनी सरकार की उपलब्धियों के रूप में पेश कर रही है। कश्मीर समेत सभी विवादित विषयों का ईमानदारी के साथ शांतिपूर्ण बातचीत के साथ हल तलाशने की कोशिश की जाएगी। आवागमन की बाधाओं को दूर किया जाएगा। यद्यपि घोषणापत्र में कहा गया है कि पार्टी कश्मीरी लोगों के अधिकारों का समर्थन करती है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ: क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान ने अपने घोषणापत्र में नया पाकिस्तान का नारा दिया है। इसने देश के विकास के लिए पाकिस्तान के पुनर्निमाण की वकालत की है। भारत के साथ प्रगतिशील संबंधों के साथ-साथ ऊर्जा के क्षेत्र में विशेष रूप से सहयोग किया जाएगा। द्विपक्षीय रणनीतिक बातचीत के साथ परमाणु मसले पर भी भारत के साथ बातचीत की जाएगी, ताकि क्षेत्र में परमाणु हथियारों की रेस को रोका जा सके।