15 February 2019



राष्ट्रीय
तो ऐसे रिहा हो गया रेप का दोषी
30-04-2013

मुंबई। बॉम्बे हाई कोर्ट ने रेप पीड़िता के आचरण के कारण उसके बयान पर भरोसा न करते हुए निचली अदालत के फैसले को रद करते हुए 56 वर्षीय दोषी को बरी कर दिया। निचली अदालत ने महाराष्ट्र के बुलढाना जिले के रहने वाले रामदास राहाते को दो साल पहले जेल भेज दिया था। पीड़िता का आरोप था कि आरोपी ने लगातार दो दिन तक उसे पशुओं के बाड़े में बंद रखकर उसके रेप किया था। हाई कोर्ट ने कहा कि सबूतों से लगता है कि पीड़िता खुद स्वेच्छा से 48 घंटे से अधिक समय तक वहां रही और तीसरे दिन वहां से भागी थी, हालांकि वह इस तरह पहले ही भाग सकती थी। न्यायाधीश एम एल ताहिलयानी ने कहा रेप पीड़िता के आचरण के कारण उसके बयान पर भरोसा नहीं हो रहा है। हालांकि रेप के अपराध में पीड़ित की गवाही के आधार पर दोषी ठहराया जा सकता है लेकिन इस तरह के मामले में पीड़िता का आचरण भी महत्वपूर्ण होता है और अदालत को ऐसे मामलों में सबूतों की जांच करते समय बहुत सतर्क रहना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सुनवाई के दौरान तीन अहम गवाहों के बयान और पीड़िता के आचरण के कारण अभियोजन पक्ष का मामला अत्यंत संदेहजनक बन गया। हाई कोर्ट ने राहाते को रेप, आपराधिक धमकी, गलत तरीके से बंद कर रखने और चोट पहुंचाने के आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अगर कोई और मामले में राहाते की जरूरत न हो तो उसे तत्काल जेल से रिहा कर दिया जाए।