17 February 2019



प्रादेशिक
आदर्श घोटाले का दंश झेल रहे सीबीआई अधिकारी ऋषिराज
02-05-2013
सीबीआई भोपाल के पहले ज्वाइंट डायरेक्टर ऋषिराज सिंह एक सप्ताह बाद सीबीआई से रुखसत हो जाएंगे। मुंबई की चर्चित आदर्श सोसाइटी की बहुमंजिला इमारत में हुए घोटाले के खुलासे का दंश झेल रहे ऋषिराज को तीन महीने पहले ही भोपाल भेजा गया था। अब सीबीआई में उनके कार्यकाल वृद्धि की संभावनाएं धूमिल हो चुकी हैं। लिहाजा उन्हें अपने मूल कैडर केरल में लौटना होगा।

बताया जाता है कि मुंबई आदर्श घोटाले का खुलासा और मामले में एक मुख्यमंत्री की बलि चढ़ने के बाद से भारी-भरकम मूंछों एवं कड़क छबि वाला केरल कैडर का यह सीबीआई अफसर देश भर में मीडिया की सुर्खियां बना था।

आदर्श घोटाले में चालान पेश करने के बाद उन्हें मुंबई स्थित दूसरी शाखा में पदस्थ कर दिया गया था। इसके बाद तीन महीने पहले उन्हें भोपाल भेजने के आदेश हुए और यहां का ओहदा भी जेडी स्तर का कर दिया गया। इसके साथ ही नागपुर सीबीआई दफ्तर को भी भोपाल से संबद्ध कर दिया गया। 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी ऋषिराज सिंह पिछले पांच साल से सीबीआई में प्रतिनियुक्ति पर तैनात हैं। सीबीआई के पहले वह एसपीजी में रहते हुए प्रधानमंत्री सुरक्षा में थे।

वरिष्ठता क्रम के हिसाब से सीबीआई में वह सबसे सीनियर ज्वाइंट डायरेक्टर माने जाते हैं, लेकिन अफसरों की कमी से जूझ रहे सीबीआई संगठन में ऋषिराज सिंह के कार्यकाल की बढ़ोतरी नहीं होने के पीछे अन्य कारणों को भी देखा जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि वह भी आदर्श घोटाले की बलि चढ़ गए। एक सप्ताह बाद उन्हें वापस केरल लौटा दिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि ऋषिराज सिंह आगमन के बाद ही भोपाल में सीबीआई दफ्तर का ओहदा ब़़ढाया गया था। अभी तक भोपाल जोन में पदस्थ डीआईजी के मातहत जबलपुर, रायपुर व भोपाल सीबीआई के पुलिस अधीक्षक थे।

ओहदा बढ़ने के बाद सीबीआई नागपुर को भी भोपाल से जोड़ दिया गया। पिछले तीन माह से भोपाल में बीएचईएल के गेस्ट हाउस में ठहरे ऋषिराज सिंह ठीक से सेटल भी नहीं हो पाए थे और उनकी सीबीआई से रवानगी कर दी गई। भोपाल में अब नया जेडी कौन पदस्थ होगा इसको लेकर अटकलें लगने लगी हैं।

कोयल पा गए बढ़ोतरी

इसके विपरीत भोपाल में 3 मार्च 2013 को चार साल का कार्यकाल पूरा कर चुके पुलिस अधीक्षक यतीन्द्र कोयल को सीबीआई में तीन साल के कार्यकाल की बढ़ोतरी और दे दी गई है। करीब सवा-डेढ़ महीने इंतजार के बाद अप्रैल के दूसरे सप्ताह में उन्हें प्रतिनियुक्ति वृद्धि संबंधी आदेश दिया गया। इस बीच वह धर्मसंकट में बने रहे, उड़ीसा कैडर के अधिकारी कोयल मूलत: मध्यप्रदेश के ही बाशिंदे हैं और वह उड़ीसा लौटने के बजाए यहां रुकने के इच्छुक ज्यादा थे। इस तरह भोपाल सीबीआई में संभवत: कोयल की पारी सबसे लंबी गिनी जाएगी।

ऋषिराज सिंह, ज्वाइंट डायरेक्टर सीबीआई भोपाल ने बताया कि हां, यह सही है कि सीबीआई में मेरी सेवावृद्धि नहीं हुई। मैंने स्वयं ही एक महीने पहले केंद्र सरकार को लिखकर दे दिया था कि मेरी सेवाएं मूल केरल कैडर को वापस कर दी जाएं। 8 मई को यहां मेरा कार्यकाल पूरा हो जाएगा।