19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
मक्खी रोबोट ने भरी पहली उड़ान
04-05-2013

वाशिंगटन। हावर्ड के अनुसंधानकर्ता सफलतापूर्वक मक्खी के आकार के उड़ने वाले नन्हें रोबोट बनाने में कामयाब हुए हैं। पहली बार नन्हें पंखों वाले अत्यधिक छोटे रोबोट ने स्वत: नियंत्रित उड़ान भरी है। हावर्ड के अनुसंधानकर्ताओं ने जासूसी और अन्य जानकारियां जुटाने में सक्षम रोबोबी प्रोजेक्ट को 12 साल की अथक मेहनत के बाद सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। मक्खी और मच्छर के आकार के ये अतिसंवेदनशील उड़ने वाले रोबोट देखने में एकदम मक्खी जैसे लगते हैं। रोबोबी प्रोजेक्ट के प्रमुख शोधकर्ता राबर्ट जे. वुड का कहना है कि ये रोबोट मक्खी की जैविक संरचना से प्रेरित होकर बनाया गया है। मिलीमीटर के स्केल से भी छोटे पैमाने वाली इस मशीन की संरचना और पन्नी से भी पतले पंख तकरीबन देखे ही नहीं जा सकते हैं। इसके पंख प्रति सेकेंड 120 बार फड़फड़ाते हैं जिससे इस रोबोट को उड़ने में दिशा और रफ्तार मिलती है। इसकी नियंत्रण प्रणाली और इसके सूक्ष्म अंग माइक्रो तकनीक का बेजोड़ नमूना है। उंगली के टिप के आकार के रोबोट के लिए उड़ने लायक मांसपेशियां बनाना अपने आप में एक बड़ी चुनौती थी। बड़े रोबोट को इलेक्ट्रोमैग्नेटिक मोटर की मदद से संचालित किया जाता है। लेकिन सूक्ष्म रोबोट के लिए नया विकल्प ढूंढना पड़ेगा। नन्हें रोबोट के पंखों पर पीजोइलेक्टिक धारियों के लिए सेरेमिक का इस्तेमाल किया गया।