19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
पाकिस्तान में बल्ला चलेगा या तीर?
06-05-2013
 पाकिस्तान में कुछ पार्टियों के चुनाव चिन्ह उनके नेताओं पर सटीक बैठते हैं। क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान की पार्टी का चुनाव चिन्ह जहां बल्ला है, वहीं पाकिस्तानी परमाणु कार्यक्रम के जनक माने जाने वाले अब्दुल कादिर खान की पार्टी का चुनाव चिन्ह मिसाइल है। 11 मई को होने वाले आम चुनाव में 144 पार्टियां हिस्सा ले रही हैं। देश की सबसे बड़ी पाकिस्तानी पीपुल्स पार्टी \'तीर\' के निशान पर लोगों से मुहर लगाने की अपील कर रही है। पीपीपी का चुनावी नारा है, \'जीते निशान, तीर का निशान\'। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के नेतृत्व वाली पाकिस्तान मुस्लिम लीग [नवाज] शेर के चिन्ह के साथ चुनाव में उतरी है। उसका नारा है \'शेर का निशान, रोशन पाकिस्तान\'। क्रिकेट से जुड़े रहने के कारण तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के नेता इमरान खान को अपनी पार्टी के चुनाव चिन्ह के लिए बल्ले से बेहतर कोई विकल्प नहीं लगा। उनकी पार्टी का नारा है \'इंशा अल्लाह, जीते बल्ला जीते बल्ला\'। मुख्य तौर पर कराची में प्रभाव रखने वाली मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट [एमक्यूएम] पार्टी को चुनाव आयोग ने पतंग का निशान दिया है। सो, पार्टी के समर्थक प्रचार के दौरान पतंग उड़ाते दिखते हैं। पार्टी का नारा है, \'वोट फॉर काइट, वोट फॉर राइट\'। लालटेन के चुनावचिन्ह वाली अवामी नेशनल पार्टी का प्रभाव कबायली इलाके खैबर पख्तूनख्वा में काफी है। हालांकि अब देश की आर्थिक राजधानी कराची में भी इसने अपने पांव पसार लिए हैं। जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम [एफ] बंद किताब पर मुहर लगाने की अपील कर रही है। पार्टी ने कहा कि वह खुली किताब के बजाय हमेशा से बंद किताब का निशान चाहती थी। इसके अलावा जमाते इस्लामी का चुनाव चिन्ह तराजू है, वहीं पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ की पार्टी ऑल मुस्लिम लीग का बाज। मुशर्रफ की पार्टी ने चुनाव का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। अन्य पार्टियों में अवामी मुस्लिम लीग का दवात, बलूचिस्तान नेशनल पार्टी का ऊंट, जम्हूरी वतन पार्टी का चुनाव चिन्ह पहिया है।