18 February 2019



प्रादेशिक
नौकरों का नौकर बनने की जरूरत नहीं
06-05-2013
हमारे वरिष्ठ अधिकारी भी नौकर हैं ऐसे में हमें नौकरों का नौकर बनने की जरूरत नहीं है। हमारी स्थिति बहुत खराब हो चुकी है यदि अब हमने आवाज नहीं उठाई तो फिर कभी नहीं उठा पाएंगे। सामान्य प्रशासन कार्मिक विभाग हमारे हितों का संरक्षण नहीं कर पा रहा है।

यह सारी बातें राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों ने अंकाक्षा गेस्ट हाऊस में संपन्न हुए वार्षिक साधारण सभा के सम्मेलन में कहीं। सम्मेलन में नई कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। जिसमें अध्यक्ष के पद पर जीपी माली और महासचिव के पद पर बसंत कुर्रे निर्विरोध चुने गए। राप्रसे की नई कार्यकारिणी में वरिष्ठ उपाध्यक्ष के पद पर कमल नागर, कनिष्ठ उपाध्यक्ष मधु नाहर और अतिरिक्त सचिव के पद पर बुद्धेश वैद्य निर्विरोध चुने गए।

बैठक में राप्रसे अधिकारियों ने कहा कि सरकार ने हमारे साथ शुरू से अन्याय किया है। यही वजह है कि दूसरी सेवा के अधिकारियों को 6 साल बाद अगला वेतनमान मिल जाता है यहां पर 15 साल बाद भी सरकार सुध नहीं ले रही है। यही वजह है कि आज डीएसपी को डिप्टी कलेक्टर से प्रतिमाह 21 हजार रुपए का अधिक वेतन मिल रहा है। इतना ही नहीं पुलिस में 93 बैच के रापुसे अधिकारी एसपी बन गए, लेकिन राप्रसे में 88 बैच का अधिकारी अभी तक आईएएस बनने की कतार में ही खड़ा हुआ है। बैठक में कई अधिकारियों ने आवाज उठाई कि सरकार के सामने यह बात रखी जाए कि हमारे भर्ती नियमों के अनुसार हमें समयमान-वेतनमान दिया जाए।

उन्होंने कहा कि 6 साल में हमें संयुक्त कलेक्टर और 10 साल में अपर कलेक्टर का वेतनमान मिलना चाहिए, लेकिन 9 साल बाद भी संयुक्त कलेक्टर और 18 साल बाद भी अपर कलेक्टर वेतनमान नहीं मिल रहा है।

हमारा नहीं है कोई माई-बाप

बैठक में कई अफसरों ने कहा कि यह सारी विसंगतियां इसलिए हो रही हैं कि हमारा कोई माई-बाप नहीं है यानि कि हमारा विभागाध्यक्ष नहीं है। राजस्व विभाग हमसे काम कराता है, लेकिन अपना मानने से इंकार करता है। जीएडी कार्मिक पदस्थापना, पदोन्नति करती हैं पर वह भी अपना मानने से इंकार करती है। यही वजह है कि वह हितों का संरक्षण करने की बजाए शोषषण कर रही है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हमारी समस्याओं को तीन दिन में निपटाने के निर्देश दिए जाने के बावजूद 20 दिन बाद भी कुछ नहीं हुआ।

एक हफ्ते में बनाएंगे रणनीति

राप्रसे के नवनिर्वाचित अध्यक्ष जीपी माली ने कहा कि हम एक हफ्ते में कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर संघ की मांगों को पूरा करने के लिए रणनीति बनाएंगे। हमारा प्रयास होगा कि संघ के हर श्रेणी के अधिकारों का संरक्षण हो सके।