21 February 2019



प्रमुख समाचार
कटारे से कैफियत मांगी कांग्रेस ने
09-05-2013
प्रदेश कांग्रेस महामंत्री सत्यदेव कटारे अनुशासन तोड़ने के मामले में उलझ गए हैं। पार्टी अनुशासन समिति ने उनसे प्रदेशाध्यक्ष पर की गई टिप्पणी पर पंद्रह दिन के भीतर कैफियत मांगी है। वहीं भूरिया के समक्ष अभद्रता करने पर कांग्रेस से निष्कासित सागर के अशोक श्रीवास्तव को \'माफ\' करते हुए कांग्रेस में ले लिया गया है। बुधवार को यहां अनुशासन समिति की बैठक में यह फैसले हुए। सूत्र बताते हैं कि कटारे की टिप्पणी पर समिति के कुछ सदस्यों के तेवर सख्त थे। इसके चलते समिति अध्यक्ष चंद्रप्रभाष शेखर ने कटारे से पंद्रह दिन के भीतर कैफियत मांगने के सर्वसम्मत प्रस्ताव को रजामंदी दे दी। ज्ञात हो पिछले दिनों कटारे ने ग्वालियर जिला कांग्रेस में नियुक्तियों के मामले में कह दिया था कि प्रदेशाध्यक्ष कांतिलाल भूरिया को पार्टी संविधान का ज्ञान नहीं है। जब यह बात कही गई, उस वक्त अनुशासन समिति के सदस्य बृजेंद्र परिहार भी वहीं मौजूद थे। इसी तरह ग्वालियर जिलाध्यक्ष दर्शनसिंह यादव द्वारा प्रदेश कांग्रेस के आदेशों को नहीं मानने और स्पष्टीकरण का तीसरा व अंतिम मौका देने तथा मुरैना के पूर्व जिलाध्यक्ष भगवान सिंह तोमर को अमर्यादित टिप्पणी पर नोटिस जारी करके पंद्रह दिन में जवाब मांगने का फैसला समिति ने किया है। तोमर ने गत दिनों भोपाल में राहुल गांधी द्वारा ली गई बैठक में प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद को लक्ष्य करके तीखी टिप्पणियां की थीं और उन्हें हटाने की ही मांग कर डाली थी। इन्हें ज्योतिरादित्य सिंधिया का समर्थक माना जाता है। इधर समिति अध्यक्ष शेखर ने इन निर्णयों की पुष्टि करते हुए कहा कि तीनों कांग्रेस नेताओं से घटनाक्रम के बारे में जानकारी मांगी गई है, इसे नोटिस नहीं कहा जा सकता। उनका पक्ष आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा प्रदेश कांग्रेस ने सागर में भूरिया से अभद्रता करने के मामले में पार्टी से निकाले गए नेताओं के बारे में नरम रवैया दिखाया है। बुधवार को अनुशासन समिति ने अशोक श्रीवास्तव को पार्टी में शामिल करने का निर्णय ले लिया। ज्ञात हो सागर में संभागीय सम्मेलन की तैयारी बैठक में भूरिया के समक्ष श्रीवास्तव, सुशील तिवारी और हषर्ष यादव ने अनुशासनहीनता की थी और भूरिया पर ही परोक्ष आरोप जड़ दिए थे। सूत्र बताते हैं कि शेष दोनों नेताओं की भी पार्टी में जल्द वापस हो सकती है। यह तीनों नेता कमलनाथ के समर्थक हैं। इन्होंने कांग्रेस को माफीनामा भी दिया है।