19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
तालिबान से बेखौफ पाकिस्तान के मतदाता, वोटिंग का समय बढ़ाया
11-05-2013

इस्लामाबाद। पाकिस्तान की आवाम जम्हूरियत की जंग में पूरे जोशो-खरोश से शरीक हो रही है। तालिबानी आतंकियों के दहशतगर्दी फैलाने वाले मंसूबों को खारिज करते हुए मतदाता पूरे जोश के साथ पोलिंग बूथ पर वोट करने को जुटे हुए हैं। लोगों में वोटिंग को लेकर उत्साह को देखते हुए वोटिंग का समय एक घंटा बढ़ा दिया गया है। इससे पहले पाकिस्तान के कराची के दाउद चौरंगी और क्वेदाबाद में दो धमाके हुए, वहीं क्वेटा और पेशावर में एक- एक धमाका हुआ है। इन धामाकों की तालिबान ने जिम्मेदारी ली है तथा कहा है कि वे आगे भी ऐसा करते रहेंगे। कराची में हुए धमाकों में 10 लोगों की मौत हो गई और तकरीबन 50 लोग जख्मी हुए हैं। वहीं पेशावर में महिलाओं के लिए बनाए गए पोंिलंग बूथ को निशाना बनाया गया, जिसमें पुलिसवालों समेत आठ लोग घायल हुए है। पुलिस के अनुसार धमाका पोंिलंग स्टेशन के बाहर खड़ी मोटर साइकिल में हुआ। गौरतलब है कि इस चुनाव के दौरान जितने आतंकी हमले हुए हैं उतने हमले पहले कभी चुनाव के दौरान नहीं हुए हैं। पढ़ें: किसमें कितना है दम इस बार हो रहे चुनाव में खास बात यह है कि करीब 41 प्रतिशत युवा वोटर ऐसे हैं जो पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। इन मतदाताओं पर सभी पार्टियों की नजर है। हालांकि सर्वेक्षण बताते हैं कि लगभग 41 प्रतिशत वोटर ऐसे हैं जो यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि वोट दिया जाए या नहीं। इसकी एक खास वजह चुनाव में आतंकी हमलों का साया माना जा रहा है। पाक में चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने से अब तक करीब दो सौ लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। पाक में हुए चुनाव पूर्व सर्वेक्षण के मुताबिक इस चुनाव में तहरीक के इंसाफ पार्टी और पीएमएल नवाज के बीच कड़ा मुकाबला बताया गया है। इन सर्वेक्षणों में नवाज शरीफ की पार्टी को सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर दिखाया गया है। तहरीक ए इंसाफ पार्टी के प्रमुख इमरान खान ने अस्पताल में रहते हुए भी अपने को चुनावी मैदान में पूरी तरह से एक्टिव बनाए रखा है और पार्टी के लिए वोट मांगने में कोई कोर कसर नहीं रखी है। पाकिस्तान में आज पहली बार लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई किसी सरकार का कार्यकाल पूरा होने के बाद चुनाव हो रहे हैं। आज हो रहे मतदान में करीब आठ करोड़ इकसठ लाख नवासी हजार आठ सौ दो मतदाता संसद और प्रांतीय असेंबलियों के लिए चुनाव में उतरे उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। सरकारी मीडिया के अनुसार सेना की देखरेख में सत्तर करोड़ 90 लाख मतपत्र कड़ी सुरक्षा के बीच देश के अलग-अलग हिस्से में पहुंचाए गए हैं।