17 February 2019



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सस्ते गेहूं-चावल की योजना उलझी: भूरिया
11-05-2013
खाद्य सुरक्षा विधेयक पारित नहीं हो पाने की वजह से मप्र सरकार की सस्ते गेहूं चावल देने की योजना उलझ गई है और इसे लेकर सरकार की भीतर हड़कंप की स्थिति है। यह बात मप्र कांग्रेस के अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने गुरवार को कहीं। उनका कहना है कि केंद्र सरकार के भरोसे चलने वाली मप्र की शिवराज सरकार ने केंद्र की यूपीए सरकार के खाद्य सुरक्षा विधेयक की आस में यहां चुनावी दांव चला था। लेकिन संसद में विधेयक पारित नहीं होने से केंद्र से तीन रुपए किलो चावल और दो रुपए किलो गेहूं की सब्सिडी राशि राज्य सरकार को नहीं मिल सकेगी। जबकि शिवराज सरकार इसी भरोसे पर मप्र में एक जून से एक रुपए किलो गेहूं और दो रुपए किलो चावल देने की घोषणा किए बैठी थी। केंद्रीय फंड का पूरा उपयोग पर्यटन के क्षेत्र में मप्र ऐसा पहला राज्य है जिसने केंद्रीय पर्यटन विभाग द्वारा दी गई राशि का पूरा उपयोग किया है केंद्रीय पर्यटन विभाग ने ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना में यह रकम दी थी। मप्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विदिशा, शिवपुरी, बुरहानपुर, दतिया, इंदिरा सागर, मंदसौर, हंडिया, बैतूल, चित्रकूट आदि स्थलों पर सैलानियों को लुभाने कई विकास कार्य किए गए हैं। सैलानियों की तादाद भी बढ़ी है।