16 February 2019



राष्ट्रीय
एटीएम इस्‍तेमाल के 5 टिप्स, जिन्हें नहीं अपनाया तो उड़ सकते हैं आपके बैंक से पैसे
15-05-2013
27 देशों के हजारों एटीएम से 4.5 करोड़ डॉलर यानी करीब 2.45 अरब रुपये की चोरी के मामले ने प्लास्टिक मनी (डेबिट कार्ड, क्रेडिट, प्री पेड कार्ड) के इस्तेमाल और उसकी सुरक्षा को लेकर नए सिरे सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत जैसे तेजी से विकसित हो रहे देश में ऐसे कार्ड का इस्तेमाल आम हो गया है जहां ग्राहक बैंकों की शाखाओं में देर तक इंतजार करने की बजाय एटीएम मशीन से पैसे निकालने को तवज्जो दे रहे हैं। लेकिन करोड़ों रुपये चोरी से निकाले जाने की घटना से आम ग्राहकों का चिंता में पड़ना लाजिमी है। (पढ़ें, 1 जून से बैंक अकाउंट में जमा होगी गैस सब्सिडी, मोबाइल से होगी महिलाओं की हिफाजत!) करोड़ों रुपये की चोरी के मामले में अपराध को अंजाम देने वाले हैकरों ने बड़ी ही सफाई से कार्ड प्रोसेस करने वाली भारतीय (पुणे, बेंगलुरु से जुड़ा दुनिया की सबसे बड़ी चोरी का कनेक्‍शन) और अमेरिकी कंपनियों के सर्वर से पिन उड़ा लिए। ऐसे में साफ है कि जब बड़े-बड़े वित्तीय संस्थान ऐसे अपराधों से बच नहीं सकते तो आम ग्राहक के पास तो ऐसी हैकिंग या पिन के कॉपी होने के खतरे बहुत ज्यादा हैं। लेकिन बावजूद इसके अगर आप होशियारी से कार्ड इस्तेमाल करते हैं तो जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं। आम तौर पर डेबिट या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वालों को बताया जाता है कि वे बार-बार अपना पासवर्ड बदलें और एटीएम बूथ में अपने साथ मौजूद लोगों की हरकतों को देखते रहें। लेकिन यह बहुत ही सामान्य किस्म की टिप्स हैं।