19 February 2019



खेलकूद
नया खुलासा : लालची चंदीला ने एक और मैच किया था फिक्स
23-05-2013
राजस्थान रॉयल्स के जयपुर, मोहाली और मुंबई के मैच ही नहीं बल्कि उसके बाद होने वाले मैचों में भी सट्टा माफिया ने \'स्पॉट फिक्सिंग\' की पूरी तैयारी कर रखी थी। 17 मई को हैदराबाद में राजस्थान रॉयल्स तथा सनराइजर्स हैदराबाद के बीच होने वाले मैच के लिए अजीत चंदीला को बुक किया गया था। इसके लिए पटियाला के दीपक नामक प्रोपर्टी डीलर के माध्यम से चंदीला के पास 15 लाख रुपये बतौर एडवांस भी आ गया था। दीपक फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में है। चंदीला व सट्टा माफिया के बीच दीपक बिचौलिये की भूमिका निभा रहा था। पुलिस टीम अब उस सट्टेबाज की तलाश में है जिसने हैदराबाद मैच के लिए चंदीला को \'बुक\' किया था। गौरतलब है कि 3 मई को कोलकाता में राजस्थान रॉयल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के मैच में भी खिलाड़ियों से स्पॉट फिक्सिंग के लिए संपर्क करने की बात सामने आ चुकी है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि खिलाड़ियों के उस मैच में खेल ना पाने के कारण सट्टा माफिया सफल नहीं हो पाया था। स्पेशल सेल सूत्रों के अनुसार अप्रैल महीने में ही हैदराबाद मैच के लिए स्पॉट फिक्सिंग की बात तय हो गई थी। दीपक इसके बाद से लगातार चंदीला से बात कर रहा था। उसने सट्टेबाज को भी बता दिया था कि चंदीला उसका काम करने के लिए तैयार है। चंदीला ने दीपक से कहा था कि वह तुरंत नहीं लेकिन बाद में उनका काम कर देगा। इसके बाद दीपक ने उसे 15 लाख रुपये सौंपे। लेकिन हैदराबाद मैच से पहले 15 मई को मुंबई में खेले गए मैच के बाद ही स्पेशल सेल ने उसे श्रीसंत व अंकित चव्हाण के साथ गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों का दावा है कि अजीत चंदीला ने सट्टेबाजों के तीन अलग अलग ग्रुप से 49 लाख रुपये का एडवांस स्पॉट फिक्सिंग के लिए लिया था। 5 मई को राजस्थान रॉयल्स तथा पुणे वॉरियर्स के बीच हुए मैच के लिए चंदीला को एक ग्रुप से 20 लाख रुपये एडवांस मिला था। दीपक से 17 मई को होने वाले मैच के लिए 15 लाख रुपये लेने के अलावा एक अन्य सट्टेबाज ग्रुप से चंदीला ने 9 लाख रुपये एडवांस लिया था। उल्लेखनीय है कि जयपुर मैच में चंदीला ने अपने ओवर में 14 रन तो दिए लेकिन वह सिग्नल देना भूल गया। जिसके कारण सट्टेबाज उसके ओवर में मैच पर सट्टा नहीं लगा पाए थे। नतीजतन चंदीला को एडवांस में लिए गए 20 लाख रुपये लौटाने पड़े। श्रीसंत समेत तीनों खिलाड़ियों द्वारा सट्टेबाजों से सीधे संपर्क स्थापित करने के सवाल पर पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्पॉट फिक्सिंग की उनकी शुरूआत अपने दोस्तों जीजू जनार्दन, अमित सिंह तथा अजीत चंदेला के माध्यम से हुई। लेकिन धीरे धीरे सट्टा माफिया द्वारा आयोजित पार्टियों व उनके द्वारा कराई जा रही शॉपिंग का मजा खिलाड़ी उठाने लगे थे। पार्टियों में वह लोग सट्टेबाजों से बात भी करते थे। होटल में युवतियां मंगाने के लिए भी कुछ खिलाड़ी सीधे सट्टेबाज को फोन मिला देते थे। श्रीसंत के खिलाफ पुलिस ने पर्याप्त सबूत होने का दावा किया है। अधिकारियों के अनुसार जीजू जनार्दन के साथ कहीं भी आने जाने में श्रीसंत खुद को काफी सहज और सुरक्षित महसूस करता था। उनकी कई स्थानों पर आने जाने की वीडियो फुटेज पुलिस के पास है। फोन की रिकार्डिग के साथ उनके द्वारा की गई खरीददारी और अन्य क्रियाकलापों की सभी जानकारी पुलिस को है।