19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
गलत निकली सऊदी से पलायन की आशंका
26-05-2013

जेद्दा। सऊदी अरब के श्रम कानून निताकत से भारी तादाद में भारतीयों के पलायन की आशंका गलत साबित हुई है। इसके उलट कानून के जरिये 1997 से सऊदी अरब में फंसे भारतीयों को वीजा वैध कराकर दोबारा रोजगार पाने या स्वदेश लौटने का बेहतरीन मौका मिला है। सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास में उप प्रमुख सिबी जॉर्ज ने शनिवार को दावा किया कि पिछले तीन माह में सऊदी आने वाले भारतीयों की संख्या में इजाफा हुआ है। निताकत लागू होने के बाद भारतीयों को मिली छूट 3 जुलाई को खत्म हो रही है, लेकिन इससे प्रायोजित कंपनी छोड़ दूसरी जगह नौकरी कर रहे या वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी टिके भारतीयों को दोबारा दस्तावेज प्रमाणित कराकर फिर रोजगार पाने की सहूलियत मिली है। 120 से ज्यादा कंपनियों ने निताकत से प्रभावित भारतीयों को नौकरियां दी हैं। गैरकानूनी दस्तावेजों की वजह से हजारों भारतीय 1997 से अपने घर नहीं जा सके हैं। उन्हें इस दौरान दस्तावेजों को वैध कराकर और बिना जुर्माना चुकाए वापस लौटने का मौका मिला है। जार्ज के मुताबिक, ऐसे भारतीयों के दोबारा सऊदी अरब लौटने पर भी कोई पाबंदी नहीं है। सऊदी सरकार ने निताकत कानून के तहत सभी स्थानीय कंपनियों को 10 फीसद पद स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य कर दिया है गौरतलब है कि सऊदी अरब में रोजगार देने वाली कंपनियों के जरिये ही भारतीयों या अन्य विदेशी कामगारों को वीजा मिलता है। बिना सूचना रोजगार बदलने पर वीजा या अन्य दस्तावेज अवैध हो जाते हैं। जॉर्ज का कहना है कि 20 मई तक 75,000 भारतीयों ने रियाद और जेद्दा स्थित भारतीय मिशनों के जरिये इमरजेंसी सर्टिफिकेट के साथ स्वदेश लौटने का आवेदन दिया है। 56,734 स्वीकृत आवेदनों में 21,331 उत्तर प्रदेश और 3,610 केरल के हैं। माना जाता है कि सऊदी में 20 लाख से अधिक भारतीय हैं।