19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
चीनी हैकरों ने अमेरिकी हथियारों के डिजायन चुराए
29-05-2013

वाशिंगटन। चीन और अमेरिका के बीच साइबर वॉर चरम पर है। पहले अमेरिकी कंपनियां, फिर उपभोक्ता और इस बार ड्रैगन के हैकरों ने दो कदम आगे जाते हुए अमेरिका की रक्षा प्रणाली पर हमला बोला है। एक अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया है कि दो दर्जन से ज्यादा हथियार प्रणालियों के डिजायन चीनी हैकरों के हाथ लग गए हैं। यही नहीं चीनी हैकरों ने ऑस्ट्रेलियाई खुफिया एजेंसी के नए हेडक्वार्टर के ब्लूपिंट्र भी चुरा लिए हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के लिए रक्षा विज्ञान बोर्ड द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के हवाले से वाशिंगटन पोस्ट ने लिखा है कि चोरी हुए डिजायन लड़ाकू विमानों, जहाजों और मिसाइल रक्षा प्रणाली से संबंधित हैं। यह रक्षा प्रणाली यूरोप, एशिया और खाड़ी देशों के लिए बेहद जरूरी हैं। चीनी हैकरों ने पैटियट मिसाइल सिस्टम, नेवी के एजिस बैलेस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम, एफए-18 लड़ाकू विमान, वी-22 ऑस्प्रे, ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और एफ-35 लड़ाकू विमान पर हाथ साफ किया है। इससे अमेरिका व सहयोगी देशों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि ये साइबर हमला कब हुआ और सरकार, सेना के कांट्रेक्टर के कंप्यूटर शिकार बने हैं या नहीं। रिपोर्ट के अनुसार यदि रक्षा प्रणालियों के डिजायन चीन के हाथ लग चुके हैं तो वे आसानी से कहीं भी अमेरिकी सुरक्षा को भेद सकते हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने इस महीने कांग्रेस को भेजी रिपोर्ट में चीन द्वारा सेना की मजबूती में जासूसी के इस्तेमाल की बात की थी।