19 February 2019



राष्ट्रीय
अखिलेश ने कहा, बिजली की कमी रोक रही विकास
29-05-2013
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश को विकास की राह पर तेजी से ले चलने के लिए सरकार कृत संकल्प है मगर बिजली बाधक बन रही है। पिछले शासन में विद्युत उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कोई काम नहीं किया गया और न ही 25 हजार करोड़ से कहीं अधिक घाटे में चल रहे इस विभाग को उबारने का कोई प्रयास ही हुआ। वाराणसी में ही इस विभाग को पिछले महीने 50 करोड़ का घाटा हुआ। इतने के बाद भी हम बिजली देना चाहें तो खराब उपकरणों के चलते उसे उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचा पा रहे। अब सरकार बेहतर उपकरण खरीद रही है। इसके लिए हमें वक्त चाहिए लेकिन जनता को भी सहयोग करना होगा। मुख्यमंत्री बुधवार को पुलिस लाइन ग्राउंड पर लैपटॉप वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। करीब पन्द्रह मिनट के उन्होंने कहा कि हम सोलर एनर्जी को बढ़ावा देकर स्थिति सुधार की कोशिश कर रहे हैं। जल्द ही उत्तर प्रदेश खुशहाल प्रदेश की श्रेणी में होगा। बड़े उद्योग लाने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए गए हैं। लोग कहते हैं कि पंजाब में गेहूं ज्यादा होता है, हम दिखाएंगे कि यूपी में गेहूं ज्यादा पैदा होता है। इसी तरह दूध केवल गुजरात में नहीं, यूपी में भी ज्यादा होगा। सपा शासन के पहले वर्ष में ही गन्ना व गेहूं का खरीद मूल्य बढ़ाकर किसानों की दशा सुधारने की कोशिश की गई है। अपग्रेड हों और आगे बढ़ें छात्र 13270 विद्यार्थियों को लैपटाप देकर मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से अपग्रेड होकर आगे बढ़ने का आहृवान किया। उन्होंने कहा कि दुनिया बदल रही है। उत्तर प्रदेश को इस दौड़ में पीछे नहीं रहना है। खासतौर से पूर्वाचल के छात्र तकनीकी क्षेत्र में पीछे न रहें इसलिए उन्हें लैपटॉप दिए गए। अब हिंदू, उर्दू, संस्कृत पढ़ने वाले छात्र छात्राएं दुनिया की हर भाषा सीख सकेंगे। विश्वास जताया कि लैपटॉप के जरिए गरीब व कमजोर छात्र-छात्रों को हीन भावना से उबरकर आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।