19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
फिर तालिबान की मदद कर रही आइएसआइ
06-06-2013

वाशिंगटन। अफगानिस्तान से अगले साल अमेरिकी सेना को हटाने की तैयारियों के बीच दक्षिण एशियाई मामलों पर शीर्ष अमेरिकी विशेषज्ञ ब्रूस रीडल ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ पर फिर तालिबान की मदद करने का आरोप लगाया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआइए के पूर्व अधिकारी और वर्तमान में अमेरिकी थिंक टैंक ब्रूकिंग्स इंस्टीट्यूट में कार्यरत रीडल ने कहा कि पाकिस्तान की शक्तिशाली सेना ने बीस वर्षो तक अफगान तालिबान की मदद की। उसने 1990 में वहां तालिबान के इस्लामिक साम्राज्य को बनाने में भी मदद की थी। पाकिस्तानी सेना ने पनाहगाह मुहैया कराने के साथ हथियारों, विशेषज्ञता और अन्य तरह से तालिबान की मदद की। 2001 में अमेरिकी नाराजगी से बचने के लिए उसने कुछ समय के लिए तालिबान से नाता तोड़ लिया।\' रीडल ने आरोप लगाया कि साल 2004 के बाद उस वक्त आइएसआइ प्रमुख और मौजूदा सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कियानी के नेतृत्व में यह एजेंसी तालिबान की मदद करने में लिप्त थी। यह आज भी उनकी मदद कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि तालिबान सरगना मुल्ला उमर सहित संगठन के वरिष्ठ नेताओं को क्वेटा और कराची में आइएसएस का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि 1998 में जब मैं पहली बार नवाज शरीफ से मिला था तो उन्होंने मुझसे कहा था कि देश की अफगान नीति पाकिस्तानी जनरल बनाते हैं। निर्वाचित प्रतिनिधि अगर सेना की बात मानें तो ठीक है अन्यथा बेनजीर भुट्टो की तरह मारा जाता है और अमेरिका को उनके उत्तराधिकारी के रूप में जिहादी मानसिकता वाला वर्दीधारी मिल सकता है।