18 February 2019



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जनजातीय विश्वविद्यालय से जीवन स्तर में सुधार होगा
07-06-2013
राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना से जनजातीय लोगों के जीवन में सुधार आयेगा। राष्ट्रपति अनूपपुर जिले के अमरकंटक में इंदिरा गाँधी जनजातीय विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। श्री मुखर्जी ने विश्वविद्यालय के 33 प्रतिभाशाली विद्यार्थी को स्वर्ण पदक भी प्रदान किये।

राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि जनजातीय लोगों के जीवन उत्थान के लिए शिक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण एवं इकलौता माध्यम है। इससे उनके सामाजिक, आर्थिक विकास में तेजी आयेगी। उन्होंने कहा कि देश के जंगली क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय लोगों का जीवन स्तर बहुत नीचे है और उसमें सुधार के लिए विशेष प्रयासों की आवश्यकता है। सर्वे तथा अनुसंधानों के माध्यम से ज्ञात हुआ है, कि अनुसूचित जनजाति के लिए मूलभूत सुविधाओं में कमी है। जिसे दूर करने के लिए केन्द्र शासन द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

राष्ट्रपति ने देश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता बढ़ाने के साथ ही अधोसंरचना विकास के लिए तेजी से काम करने की जरूरत बताई। उन्होंने इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय के माध्यम से अनुसूचित जनजाति के लोगों के जीवन में आशातीत सुधार की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि जब इन लोगों के जीवन में सामाजिक और आर्थिक बदलाव होगा, तभी देश के अन्य क्षेत्रों में यथार्थ रूप से तरक्की होगी।

राज्यपाल श्री रामनरेश यादव ने दीक्षांत समारोह मंे उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों को शुभकामना देते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय जनजातीय वर्ग के लोगों के सामाजिक, आर्थिक क्षेत्र में मूलभूत बदलाव लाएगा।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राजनीति में संकीर्णता का कोई स्थान नहीं होता। उन्होंने विश्वविद्यालय की स्थापना में अहम भूमिका निभाने वाले राजनेता स्व. श्रीमती इन्दिरा गाँधी एवं स्व. अर्जुन सिंह को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री श्री सिंह ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता के इतिहास में जनजातीय वर्ग के लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसमें रानी दुर्गावती, टंट्या भील एवं भीमा नायक जैसे आदिवासी नायकों का महत्वपूर्ण योगदान है।

इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह, श्रम मंत्री श्री जगन्नाथ सिंह, पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री सुरेश पचौरी, इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. एस.एम. झरवाल, कुलपति श्री सी.डी. सिंह सहित जन-प्रतिनिधि, अधिकारी एवं प्राध्यापक उपस्थित थे।