22 February 2019



राष्ट्रीय
वाजपेयी के इलाज पर हुए खर्च का ब्योरा दे सरकार
09-06-2013

नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना आयोग [सीआइसी] ने स्वास्थ्य मंत्रालय से 15 दिन के भीतर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के इलाज पर किए गए खर्च को सार्वजनिक करने का निर्देश दिया है। आयोग ने एक आरटीआइ आवेदक की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। मुरादाबाद निवासी याची ने अस्वस्थ चल रहे 88 वर्षीय भाजपा नेता के इलाज पर हो रहे खर्च का ब्योरा मांगा था। मुख्य सूचना आयुक्त सत्यानंद मिश्र ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री के इलाज पर होने वाले चिकित्सा खर्च का ब्योरा स्वास्थ्य मंत्रालय के पास होना चाहिए। मंत्रालय द्वारा आरटीआइ आवेदन को बार-बार हस्तांतरित करने पर एतराज जताते हुए उन्होंने कहा, \'हमें आश्चर्य है कि मंत्रालय सूचना का पता लगाने और याची को उसे मुहैया कराने की जहमत नहीं उठा रहा है, बल्कि आरटीआइ आवेदन को एक विभाग से दूसरे विभाग भेज रहा है।\' मुख्य सूचना आयुक्त ने निर्देश दिया कि जहां कहीं भी जानकारी उपलब्ध हो मंत्रालय उसे एकत्र करे और आवेदक को उपलब्ध कराए, जिसने प्रधानमंत्री कार्यालय से इसकी जानकारी मांगी थी। इससे पूर्व तत्कालीन मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्ला ने अति विशिष्ट लोगों के इलाज पर होने वाले खर्च को सार्वजनिक करने को सही ठहराया था। उन्होंने कहा था कि धन सरकारी खजाने से दिया जाता है, इसलिए यह सार्वजनिक होना चाहिए। हबीबुल्ला ने कहा था, \'जहां तक इलाज पर किए खर्च का संबंध है, यह ऐसी सूचना है जिसको सार्वजनिक किया जाना चाहिए क्योंकि सरकारी खजाने से किए गए खर्च की जवाबदेही होती है।\' मालूम हो, अटल बिहारी वाजपेयी कुल तीन बार प्रधानमंत्री रहे। इस दौरान उनका कई बार इलाज किया गया जिसमें घुटने का प्रत्यारोपण भी शामिल है।