19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
एविएशन में दिल्ली से सीख रहा लंदन
10-06-2013
विमानन मंत्री अजित सिंह ने कहा कि पिछले कुछ साल में भारत में विमानन क्षेत्र का जिस तेजी से विकास हुआ है, उसे देखते हुए अब ब्रिटेन के लोग भी आश्चर्य करने लगे हैं। पिछले दिनों लंदन के मेयर ने कहा कि एविएशन के मामले में लंदन अब दिल्ली से बहुत कुछ सीख सकता है। दिल्ली से लंदन की पहली उड़ान के 65 साल पूरे होने के मौके पर यहां एक होटल में भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर अजित ने कहा कि ड्रीमलाइनर के आने से एयर इंडिया का टर्नअराउंड आसान हो गया है। बड़ा आकार, खुली सीटें, बड़ी विशेष खिड़कियां, प्रदूषणमुक्त वातावरण तथा ईधन की खपत में 20 फीसद तक की कमी इन विमानों को औरों से बेहतर साबित करती है। इसमें 256 सीटें हैं, जिनमें 18 बिजनेस क्लास की फ्लैट बेड बड़ी सीटें, 238 इकोनॉमी क्लास की बड़ी सीटें शामिल हैं। इनमें स्टेट ऑफ द आर्ट इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट प्रणाली दी गई है। बड़े एलसीडी टीवी स्क्रीन इसकी विशेषता हैं। इनके केबिन में अधिकतम 6,000 फीट/1,800 मीटर के हिसाब से प्रेशर रखा जाता है। इससे यात्रियों को लंबे सफर के बाद भी सिर दर्द की शिकायत नहीं होती और वे ताजा महसूस करते हैं। इनकी रफ्तार भी बोइंग 777 या बोइंग 747 जैसी ही है। आज से कोई अस्सी साल पहले शुरू हुआ एयर इंडिया का सफर अब 63 घरेलू तथा 34 अंतरराष्ट्रीय शहरों तक जा पहुंचा है। आठ जून, 1948 के दिन एयर इंडिया ने मुंबई से लंदन के लिए पहली उड़ान भरी थी। इसकी याद में एक स्मारक डाक टिकट भी जारी किया गया था। अब एयर इंडिया की लंदन को दिल्ली व मुंबई से रोजाना तीन उड़ाने होती हैं। अजित ने कहा एयर इंडिया की परफॉरमेंस में भारी सुधार दिखाई दे है। वर्ष 2012-13 में ऑनटाइम परफॉरमेंस 77.1 फीसद रही। बिजनेस क्लास व फ‌र्स्ट क्लास पैसेंजर्स की संख्या में खासी बढ़ोतरी हुई है। कर्मचारियों की लागत में भी खासी कमी आई है। अब नए स्वतंत्र निदेशकों के बोर्ड में आने से हालात और बेहतर होने की उम्मीद है।