16 February 2019



राष्ट्रीय
दुखी' आडवाणी ने दिया इस्तीफा, मोदी ने किया ट्वीट
10-06-2013

नई दिल्ली। पितामह का पराभव हो गया। भाजपा के लौह पुरूष ने पार्टी के तीन महत्वपूर्ण पदों से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी, प्रचार समिति और संसदीय बोर्ड से अलग हो गए हैं। हालांकि लालकृष्ण आडवाणी पार्टी में बने रहेंगे। साथ ही वह अभी एनडीए के चेयरमैन बने रहेंगे । लेकिन पार्टी में इनकी भूमिका नगण्य रहेगी। वे बीजेपी के सामान्य सदस्य बने रहेंगे। ये खबर राजनाथ से हुई मुलाकात के कुछ देर बाद आई है। आडवाणी अब बीजेपी के संसदीय बोर्ड और वर्किग कमेटी से भी अलग हो गए हैं। आडवाणी ने राजनाथ सिंह को चिट्ठी लिखकर कहा है कि बीजेपी अब अटल जी वाली पार्टी नहीं रही। सभी नेताओं के अपने-अपने एजेंडे हैं। आडवाणी ने कहा कि बीजेपी अपने आदर्शों से भटक चुकी है। हाल में हुई मौजूदा गतिविधियों से आहत हूं। पार्टी जिधर जा रही है उससे तालमेल बैठाना मुश्किल हो रहा है। इधर पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा है कि इस्तीफा मंजूर नहीं होगा। गुजरात के सीएम नरेद्र मोदी ने शाम को अपनी चुप्पी तोड़ते हुए ट्विटर पर लिखा है कि आडवाणी जी से फोन पर लंबी बात हुई है और उन्होंने उनसे उनका निर्णय बदलने को कहा है। उम्मीद है कि आडवाणी जी लाखों कार्यकर्ताओं को निराश नहीं करेंगे।

गुजरात के सीएम नरेद्र मोदी ने शाम को अपनी चुप्पी तोड़ते हुए ट्विटर पर लिखा है कि आडवाणी जी से फोन पर लंबी बात हुई है और उन्होंने उनसे उनका निर्णय बदलने को कहा है। उम्मीद है कि आडवाणी जी लाखों कार्यकर्ताओं को निराश नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी लिखा है कि उन्होंने राजनाथ सिंह से बात कर उनको बता दिया है कि वह संसदीय दल की बैठक में शामिल नहीं हो पाएंग। बैठक में जो भी फैसला होगा, वह उन्हें मंजूर होगा।

सूत्रों के मुताबिक राजनाथ इनको मनाने में जुटे हुए हैं। शाम पांच बजे बीजेपी के कई बड़े नेता पार्टी अध्यक्ष राजनाथ के घर पहुंचे। इसमें अरुण जेटली, वेंकैया नायडू और अमित शाह जैसे नेता शामिल हैं। इन नेताओं का कहना है कि समस्या का हल निकाल लिया जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार शाम सात बजे राजनाथ सिंह के घर पर बीजेपी के संसदीय बोर्ड की अहम बैठक शुरू हो चुकी है, जिसमें आडवाणी के इस्तीफे के बाद उत्पन्न हुई परिस्थितियों पर चर्चा की जा रही है। फिलहाल सुषमा स्वराज और अरुण जेटली केंद्र सरकार द्वारा नक्सल मुद्दे पर आयोजित सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लेने गए हुए हैं। वे वहां से सीधे इस बैठक में पहुंचेंगे।

आडवाणी को याद आए भीष्म पितामह और हिटलर

कांग्रेस ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। रोजाना होने वाला प्रेस कॉन्फ्रेंस भी रद्द कर दिया है।

गोवा में कार्यकारिणी की बैठक पूरी होने के बाद राजनाथ आज आडवाणी से मिलने पहुंचे थे। 7 जून से 9 जून ये तीन दिन बीजेपी के लिए गोवा में काफी अहम रहे। इन्हीं तीन दिनों में मोदी को प्रचार कमेटी की कमान मिली। और आडवाणी की नाराजगी खुलकर सामने आई।

भाजपा में अब आया मोदी युग

9 जून को यानी कार्यकारिणी की बैठक के अंतिम दी प्रचार कमेटी की कमान दिए जाने की घोषणा होती है और 10 जून यानी ठीक एक दिन बाद आडवाणी अपने सभी पदों से इस्तीफा दे देते हैं।

तस्वीरों के जरिए पढ़ें पितामह का पराभव

आपको बता दें कि मोदी और आडवाणी के बीच टशन खुलकर सामने आ रहा था। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी आज आडवाणी को मनाने दिल्ली आने वाले हैं।