22 February 2019



राष्ट्रीय
तनावपूर्ण माहौल में 1984 सिख मेमोरियल का शिलान्यास
12-06-2013
 नई दिल्ली नगर पालिका परिषद [एनडीएमसी] व पुलिस के विरोध के चलते 1984 सिख मेमोरियल का शिलान्यास तनावपूर्ण माहौल में गुरुद्वारा रकाबगंज में संपन्न हुआ। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा प्रस्तावित इस शिलान्यास कार्यक्रम को शिरोमणि अकाली दल बादल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की मौजूदगी में पंच सिख तख्तों ने पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार संपन्न कराया। इस कार्यक्रम के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात था। वहीं कार्यक्रम स्थल के आसपास एनडीएमसी के अधिकारी भी पहुंचे हुए थे। मगर तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए वे वापस लौट गए। शिलान्यास कार्यक्रम को रोकने जैसी कोई बात सामने नहीं आई। मेमोरियल का शिलान्यास पत्थर पर भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, लोक सभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विजय गोयल ने पुष्प अर्पित कर 1984 के दंगों में मारे गए सिखों को श्रद्धांजलि दी। मेमोरियल की आधारशिला रखने के बाद सुखबीर सिंह बादल ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि 84 दंगों में सिखों पर हुए कत्लेआम में मारे गए लोगों की याद में बनाया गया है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि दुनिया के इतिहास में ऐसी मिशाल नहीं मिलेगी जिसमें कोई अपराधी अपराध करने के बाद भी खुलेआम घूम रहे हों। इतना ही नहीं कांग्रेस सरकार इन दंगों में लिप्त लोगों में शामिल सज्जन कुमार और जगदीश टाइटलर आदि को बचाने में लगी है। 29 साल बाद भी इन दंगों के दोषी इन अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा ने दंगों में मारे गए लोगों की याद में बनाया जा रहा मेमोरियल आने वाली पीढ़ी को हमेशा 1984 के सिख नरसंहार की याद दिलाता रहेगा। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व चेयरमैन परमजीत सिंह द्वारा मेमोरियल बनाए जाने का विरोध करने के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में बादल ने कहा कि कौम ने ऐसे लोगों को गद्दार करार दिया है। ये लोग कौम के गद्दार हैं। पूछे गए सवाल की क्या आने वाले दिनों में चुनावों में शिरोमणि अकाली दल बादल भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी, इस पर उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल बादल हमेशा से भाजपा का हिस्सा रही है और रहेगी। यह भाजपा का सबसे पुराना सहयोगी दल है। ज्ञात हो कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व चेयरमैन परमजीत सिंह इस मेमोरियल के विरोध में दिल्ली हाई कोर्ट गए हैं। इस मौके पर शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष अवतार सिंह, सांसद सुखदेव सिंह ढींढसा, हरसिमरत कौर, नरेश गुजराल, दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके, कमेटी के महासचिव मनजिंदर सिंह सिरसा, अकाली दल बादल के वरिष्ठ नेता अवतार सिंह हित, कुलदीप सिंह भोगल, हरमीत सिंह कालका, तनवंत सिंह व रवींद्र सिंह खुराना आदि भी मौजूद थे। ज्ञात हो कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व चेयरमैन परमजीत सिंह इस मेमोरियल के विरोध में दिल्ली हाई कोर्ट गए हैं। जिन लोगों ने नीव का पत्थर रखकर शिलान्यास कराया। उन लोगों में श्री अकाल तख्त साहेब के ज्ञानी गुरवचन सिंह जत्थेदार, श्री नंदगढ़ जत्थेदार तख्त श्री दमदमा साहिब के प्रमुख धार्मिक विद्वान ज्ञानी बलवंत सिंह, मुख्य ग्रंथी ज्ञानी मल सिंह, बाबा बचन सिंह कार सेवा वाले, बाबा लक्खा सिंह नानकसर वाले, गुरुद्वारा ठिकाना साहिब के महंत अमृत सिंह के नाम शामिल हैं।