15 February 2019



राष्ट्रीय
मंत्रियों के लिए बनेगी आचार नीति
12-06-2013
 राजनीतिक तटस्थता व नौकरशाही में निष्पक्षता को बचाने के लिए प्रशासनिक सुधार आयोग [एआरसी] की सिफारिशों के बाद एक मंत्रिसमूह ने सरकार से मंत्रियों के लिए आचार नीति और नौकरशाहों के लिए आचार संहिता के मसौदे पर विचार करने को कहा है। एआरसी की 10वीं सिफारिशों पर विचार करने के लिए मंगलवार को रक्षा मंत्री एके एंटनी की अध्यक्षता वाले मंत्रिसमूह की बैठक हुई। मंत्रिसमूह ने प्रशासनिक सुधार व शिकायत निस्तारण विभाग से कहा है कि वह अगली बैठक से पहले सिफारिशों पर अपनी रिपोर्ट तैयार करे। बैठक में शिरकत करने वाले मंत्रिसमूह सदस्यों को लगता है कि इस तरह की संहिता जरूरी है। इससे नौकरशाहों और मंत्रियों के बीच निष्पक्षता व पादर्शिता बढ़ेगी। एआरसी ने सिफारिश की है कि राजनीतिक तटस्थता और नौकरशाही निष्पक्षता को बचाना जरूरी है। नेताओं और अफसरों पर इसकी बराबर की जिम्मेदारी है। मंत्रियों के लिए आचार नीति और नौकरशाहों के लिए आचार संहिता में इस पहलू को शामिल किया जाना चाहिए। \'शासन में नीतियां\' शीर्षक से सौंपी गई एआरसी की चौथी रिपोर्ट में की गई सिफारिशें सरकार पहले ही ठुकरा चुकी है। चौथी रिपोर्ट में सुझाव दिया गया था कि मंत्रियों के लिए मौजूदा आचार संहिता में आचार नीति को जोड़ा जाना चाहिए। इसके तहत मंत्रियों को अपने कर्तव्यों को निभाने के दौरान संवैधानिक मानकों और नीतिगत व्यवहार को बरकरार रखने से जुड़े दिशा-निर्देश होने चाहिए। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्रियों के कार्यालयों में आचार नीति व संहिता के क्रियान्वयन पर नजर रखने के लिए अलग से इकाई बनाने का सुझाव भी दिया गया था। सुझावों को खारिज करते हुए सरकार ने कहा था कि मंत्रियों के लिए आचार नीति को लेकर दी गई एआरसी की सिफारिशों पर अधिकार प्राप्त समिति विचार कर चुकी है, जिसमें फैसला लिया गया था कि इस पर विचार की कोई अनिवार्यता नहीं है, क्योंकि उनके लिए पहले से ही आचार संहिता है। \'रीफर्बिशिंग पर्सनल एडमिनिस्ट्रेशन-स्केलिंग न्यू हाइट्स\' शीर्षक से सौंपी गई 10वीं रिपोर्ट की सिफारिशों पर खाद्य मंत्री शरद पवार, वित्त मंत्री पी. चिदंबरम, गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे, पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री एम. वीरप्पा मोइली और अन्य सदस्यों वाला मंत्रिसमूह विचार कर रहा है।