18 February 2019



प्रादेशिक
युवाओं को बड़े सपने दे गए कलाम
13-06-2013
इंदौर। डॉ.कलाम को देखने-सुनने के लिए 1200 क्षमता वाले यूनिवर्सिटी ऑडिटोरियम में करीब डेढ़ हजार लोग मौजूद थे। कलाम स्टूडेंट्स को नेकी, ज्ञान हासिल करने की शपथ दिलाने के साथ बड़े सपने भी दे गए। उन्होंने कहा मैं उम्मीद करता हूं मंगल पर जाने वाला पहला मानव उज्जैन से हो। उन्होंने ज्ञान का सूत्र भी बताया और कहा छोटे सपने देखना गुनाह है। इंडियन यूथ चैलेंजेस एंड प्रॉस्पेक्ट्स\' विषषय पर व्याख्यान की शुरआत करते हुए उन्होंने ग्रीन कैंपस नीति पर यूनिवर्सिटी को बधाई दी। उन्होंने कहा मैं कल उज्जैन से प्लेनेटोरियम का उद्घाटन करके लौटा हूं। उम्मीद करें प्लेनेटोरियम से उज्जैन के पास के गांव के किसी स्कूल के छात्र में ब्रह्मांड, अंतरिक्ष को लेकर उत्सुकता जागे। वो पढ़े और रिसर्च करे। 20 साल बाद मंगल पर जाने वाला पहला मानव उज्जैन का वही बच्चा बने। डॉ.कलाम ने कहा कोपरनिकस और गैलिलियों ने 50 और 60 में सौर मंडल का सिद्धांत दिया। उससे कई लाख साल पहले आर्यभट्ट ने बता दिया था कि पृथ्वी समेत अन्य ग्रह सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करते हैं। कोपरनिकस और गैलिलियों को वहां के समाज ने सजा दी, लेकिन हमारे यहां आर्यभट्ट को स्वीकार किया गया और आगे भी बढ़ाया। नॉलेज का फॉर्मूला डॉ. कलाम ने युवाओं को नॉलेज का फॉर्मूला भी बताया। उन्होंने कहा क्रिटिविटी के साथ नेकी और उत्साह मिला दिया जाए, तो ज्ञान प्रा होता है। उन्होंने कहा पूरा देश आज नेक दिल इंसानों के लिए तरस रहा है। अभिभावक भी अपने बच्चों को नेकी की सीख जरूर दें। आध्यात्मिक माहौल में यह सीख मिले तो ज्ञान भी आएगा और विकास भी होगा। उन्होंने विजन 2020 के सपने पर बोलते हुए कहा अभी सात साल हैं। हमारे पास समय है। युवा मिलकर सपनों का भारत बना सकते हैं। 2020 में भी देश ऐसा हो जहां ना गरीबी हो, ना महिलाओं-बच्चों पर जुर्म हो, युवाओं के पास समान अवसर हो, सबको अच्छी शिक्षा मिले और किसान खुशहाल रहें। डॉ.कलाम के साथ मंच पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, कुलपति प्रो. डीपी सिंह, रजिस्ट्रार आरडी मूसलगांवकर और विज्ञान भारती के महासचिव ए.जयकुमार मौजूद थे। डॉ.कलाम ने यूनिवर्सिटी के ग्रीन कैलेंडर का अनावरण भी किया। डॉ.कलाम का स्वागत कार्यपरिषषद सदस्य डॉ.सुनंदा जैन और रवि सक्सेना ने किया। विवि की मेजबानी स्वीकार करने के लिए कार्यपरिषषद सदस्य चंद्रशेखर रायकवार व अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा डॉ.नरेंद्र धाक़़ड ने डॉ.कलाम को शाल श्रीफल और स्मृति चिन्ह प्रदान कर आभार प्रकट किया।