17 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका ने चीन के खिलाफ जमकर साइबर जासूसी की
23-06-2013

बीजिंग। अमेरिका के गुप्त निगरानी कार्यक्रम का भंडाफोड़ करने वाले एडवर्ड स्नोडेन ने कहा है कि अमेरिका ने चीन के खिलाफ जमकर साइबर जासूसी की है। अमेरिका को \'सबसे बड़ा खलनायक\' बताते हुए उन्होंने दावा किया है कि उसने बीजिंग के एक शीर्ष विश्वविद्यालय में हैकिंग की है। हांगकांग के साउथ चाइना मॉर्निग पोस्ट अखबार के समक्ष स्नोडेन ने दावा किया कि अमेरिकी जासूसों ने इस वर्ष चीन के शिंघुआ यूनिवर्सिटी को निशाना बनाया। इस यूनिवर्सिटी को चीन का चोटी का शिक्षा व शोध संस्थान माना जाता है। उनका कहना है कि अमेरिकी सरकार लाखों संदेश चुराने के लिए चीन की मोबाइल फोन कंपनियों में भी हैकिंग कर रही है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि कितनी बार अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी [एनएसए] के जासूसों ने शिंघुआ यूनिवर्सिटी को निशाना बनाया। लेकिन स्नोडेन द्वारा अखबार को उपलब्ध कराए गए विवरण के मुताबिक इस यूनिवर्सिटी पर नवीनतम साइबर हमला इस वर्ष जनवरी में हुआ था। इससे यह भी पता चलता है कि शिंघुआ यूनिवर्सिटी पर साइबर हमला संगठित प्रयास के तहत किया गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी में केवल एक दिन में यूनिवर्सिटी के कम से कम 63 कंप्यूटर और सर्वर को एनएसए ने हैक कर लिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि रविवार को स्नोडेन हांगकांग से मास्को के लिए रवाना हो गए हैं और बाद में वह इक्वाडोर या आइसलैंड जा सकते हैं। जबकि कुछ अन्य रिपोर्टो में कहा गया है कि वह क्यूबा और वेनेजुएला भी जा सकते हैं। हांगकांग सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा है कि वह अपनी इच्छा से यहां से गए हैं। सरकार की ओर से कहा गया है कि स्नोडेन को हांगकांग से जाने दिया गया क्योंकि अमेरिका द्वारा उनके प्रत्यर्पण के लिए किया गया अनुरोध कानून के मुताबिक नहीं है। उधर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता दमित्री पेसकोव ने कहा है कि उन्हें स्नोडेन की स्थिति या योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं है।