16 February 2019



राष्ट्रीय
शिंदे, चिदंबरम के खिलाफ दो दिन में जांच पूरी कर बंद किया केस
24-06-2013

हैदराबाद। पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को लेकर वादाखिलाफी के आरोप में केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे और वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के खिलाफ मुकदमा चलाने को पुलिस तैयार नहीं है। कोर्ट की फटकार के बाद शनिवार को धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने वाली पुलिस ने 48 घंटे में सुबूतों के अभाव का हवाला देकर अपनी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी। गौरतलब है कि रंगारेड्डी जिला स्थित मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट की फटकार के बाद एलबी नगर पुलिस स्टेशन में दोनों मंत्रियों के खिलाफ 22 जून को भारतीय दंड संहिता की धारा 420 [धोखाधड़ी] के तहत एफआइआर दर्ज की गई थी। इंस्पेक्टर पी श्रीनिवास रेड्डी ने सोमवार को बताया कि जांच में शिंदे और चिदंबरम के खिलाफ कोई सुबूत नहीं पाया गया और इसमें धोखाधड़ी का कोई मामला नहीं बनता। लिहाजा, कानूनी सलाह लेने के बाद केस को बंद करने का फैसला किया गया। कोर्ट ने 28 जनवरी को पुलिस से एफआइआर दर्ज करने और 14 फरवरी तक स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा था। हालांकि, आदेश के बावजूद केस न दर्ज करने पर कोर्ट ने एलबी नगर पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी को 20 जून को तलब कर कड़ी फटकार लगाई थी। तेलंगाना क्षेत्र के एक वकील नरेश कुमार ने दोनों मंत्रियों पर वादा पूरा नहीं करने का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि चिदंबरम ने गृह मंत्री रहते 9 दिसंबर 2009 को पृथक तेलंगाना राज्य के गठन का वादा किया था, लेकिन उसे पूरा नहीं किया। लेकिन उसी साल 23 दिसंबर को इस पर और विचार-विमर्श की बात कहकर वह वादे से मुकर गए। उनके बाद गृह मंत्री बने शिंदे ने 28 दिसंबर 2012 को दिल्ली में सर्वदलीय बैठक में एलान किया था कि केंद्र एक माह में इस मुद्दे पर फैसला ले लेगा, लेकिन अब वह और समय मांग रहे हैं। केंद्रीय मंत्रियों का यह रवैया जनता के साथ धोखाधड़ी है, इसलिए दोनों पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए।