18 February 2019



प्रादेशिक
यात्रियों को लेकर आज आएगा बोइंग विमान, कई लोगों की अब तक नहीं मिली जानकारी
24-06-2013
उत्तराखंड में फंसे प्रदेश के यात्रियों को लेकर बोइंग विमान सोमवार सुबह देहरादून से भोपाल के लिए उड़ान भरेगा। इस विमान में लगभग 170 यात्रियों के आने की संभावना है। विमान भोपाल के बाद इंदौर और जबलपुर भी भेजा जाएगा। राज्य सरकार ने जेट कंपनी से यह विमान किराए पर लिया है। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड के विभिन्न इलाकों में फंसे प्रदेश के तीन सौ से अधिक यात्रियों को देहरादून पहुंचा दिया गया है।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को नरसिंहपुर से लौटने के बाद शाम 7 बजे वरिष्ठ अफसरों की बैठक बुलाकर बचाव व राहत कार्य की समीक्षा की। इस दौरान बड़ा विमान किराए पर लेने का निर्णय लिया गया। मप्र सरकार 4 हेलिकॉप्टर और 10 बसें पहले ही हरिद्वार भेज चुकी है। राज्य सरकार कम वजनी (लाइटवेट) हेलिकॉप्टर की व्यवस्था के लिए प्रयास कर रही है। उत्तराखंड आपदा के ७ दिन बाद भी राजधानी के कई ऐसे परिवार हैं, जिन्हें अपने परिजनों का अब तक कोई अता-पता नहीं मिला है। उनके घरों में उदासी है और आंखें नम। इस बीच उत्तराखंड में कई दिनों तक फंसे रहने के बाद रविवार को भोपाल लौटे लोगों के परिजनों ने राहत की सांस ली है। वहीं, चौबदारपुरा के राय परिवार के 8 में से दो लोगों के गुप्त काशी में सुरक्षित होने की सूचना मिली है, जबकि अन्य छह का कुछ पता नहीं चल सका है। इसी तरह दुर्गेश विहार कॉलोनी के सोनवानी परिवार के छह व मिनाल रेसीडेंसी के असाटी परिवार के 8 लोग अब तक लापता हैं। रविवार को भोपाल लौटे कई यात्रियों ने भास्कर से चर्चा में अपने अनुभव सुनाए। उनका कहना है कि वे मौत का सामना कर लौटे हैं। भरभरा कर गिर गया होटल, मंदिर में ली शरण महाबली नगर कोलार निवासी व भोपाल को-ऑपरेटिव सेंट्रल बैंक के अधीक्षक श्रीनाथ दास गुप्ता रविवार को पत्नी कमलेश, परिजन डॉ. बृजेश गुप्ता, उनकी पत्नी रचना और दो बच्चों के साथ लौटे तो परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। श्री गुप्ता ने बताया कि गोविंद घाट के पास आई बाढ़ के कारण सभी रास्ते बंद हो गए थे। रात गाड़ी में गुजारी। सुबह एक होटल में पहुंचे। उस वक्त हमारी सांसें बंद होने लगीं, जब कर्मचारियों ने होटल तत्काल छोड़ने को कहा। होटल थरथरा रहा था। होटल से बाहर निकले ही थे कि उसी के बगल की गोकुल नाम की एक होटल भरभरा कर गिर पड़ा। कुछ दूरी पर एक मंदिर में जाकर शरण ली। चट्टान ने गंगा की गोद में समाने से बचा लिया हम जोशी मठ की ओर बढ़ रहे थे। तभी कार के आगे चट्टान आ गिरी। सड़क जाम हो गई थी। तेज बारिश से गाड़ी जमीन में धंस रही थी। अब रास्ता था तो सिर्फ वापस लौटने का। चूंकि हम 16 लोगों का ग्रुप बद्रीनाथ जा रहा था, सो बिना समय गंवाए दूसरी गाड़ी में बैठे। उस समय चट्टान नहीं गिरी होती तो हम भी गंगा में समा गए होते। यह कहना है, भोपाल के चूना भट्टी निवासी अनूप श्रीवास्तव का। प्रदेश के 500 यात्री हरिद्वार कैंप में पिछले दो दिनों में करीब १क्क् लोग भोपाल लौट चुके हैं। : ५क् से अधिक यात्री अब भी लापता। : मप्र के अफसरों का एक दल गौरीकुंड पहुंच गया है। वहां से यात्रियों को जोशीमठ लाया जा रहा है। हरिद्वार के शांति कुंज में स्थापित प्रदेश के कैंप में 500 यात्री पहुंचे हैं। : भेल की सभी यूनिट के कर्मचारी अपना एक दिन का वेतन आपदा के शिकार लोगों को राहत के लिए देंगे। भोपाल यूनिट से करीब २ करोड़ रुपए सहायता राशि दी जाएगी। : बीडीए अपने बजट से ५क् लाख रुपए की सहायता राशि देगा। :भोपाल की जिन दो महिलाओं मिथलेश तिवारी व मनोरमा शर्मा की मौत हो गई थी, उनके परिजन अब सुरक्षित हैं।