24 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
काबुल में राष्ट्रपति भवन के बाहर तालिबान का हमला
25-06-2013

काबुल। तालिबान के हमलों से मंगलवार को काबुल दहल उठा। आंतकियों ने इस बार राष्ट्रपति भवन, रक्षा मंत्रालय और अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआइए के कार्यालय को निशाना बनाया। आत्मघाती हमलावरों ने काबुल के अत्यधिक सुरक्षित इलाके में घुसने के बाद राष्ट्रपति भवन के बाहर सुरक्षाबलों से संघर्ष किया और एक कार बम से विस्फोट कर दिया। हमले का वहां मौजूद सुरक्षाबलों ने मुंहतोड़ जवाब दिया। दो घंटे तक चली मुठभेड़ के बाद सभी आतंकी मारे गए।  राष्ट्रपति हामिद करजई मंगलवार सुबह राष्ट्रपति भवन में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करने वाले थे। सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए करीब 20 से 30 पत्रकार राष्ट्रपति भवन के गेट के पास सुरक्षा जांच के लिए रुके थे। गोलीबारी शुरू होने पर उन्हें तत्काल सुरक्षा प्रदान की गई। सम्मेलन में करजई के आतंकी संगठनों के साथ शांति वार्ता शुरू करने के प्रयासों पर बातचीत करने की संभावना थी। हमले के समय करजई कहां थे यह पता नहीं चल पाया है। राष्ट्रपति भवन के एक अधिकारी का कहना है कि वह सुरक्षित हैं। हमले से 12 साल से जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए शांति वार्ता शुरू करने के प्रयास को झटका लग सकता है। राष्ट्रपति भवन काबुल के अत्यधिक सुरक्षित और विस्तृत क्षेत्र में बना है। यहां पर अमेरिकी दूतावास और नाटो नीत सेना का मुख्यालय भी है। इस इलाके में प्रवेश प्रतिबंधित है। गोलीबारी स्थानीय समयानुसार सुबह साढ़े छह बजे राष्ट्रपति भवन की ओर जाने वाले पूर्वी गेट के पास हुई। इसके बगल में अफगानी रक्षा मंत्रालय और अरियाना होटल है। पूर्व अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने इस होटल का प्रयोग सीआइए द्वारा किए जाने की पुष्टि की थी। काबुल पुलिस प्रमुख मुहम्मद अयूब सलांगी ने बताया कि तीन से चार बंदूकधारियों ने चेक प्वाइंट पर फर्जी दस्तावेज दिखाकर प्रवेश करने की कोशिश की तो सुरक्षाबलों ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद वे अपनी एसयूवी से बाहर निकले और गोलीबारी शुरू कर दी। इस दौरान सभी हमलावर मारे गए। हमले में एक सुरक्षाकर्मी घायल हो गया। इसके बाद कार बम में विस्फोट हो गया। तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने हमले की जिम्मेदारी ली है। हालांकि अफगान सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि हमले को तालिबान से जुड़े हक्कानी नेटवर्क ने अंजाम दिया। हक्कानी पहले भी काबुल में कई बड़े हमलों को अंजाम दे चुका है। वहीं रक्षा मंत्रालय का कहना है कि हमला अरियाना होटल को निशाना बनाकर किया गया।