17 February 2019



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विशेष विमान से आए 168 श्रद्धालु, कई अब भी फंसे
25-06-2013

इंदौर। उत्तराखंड की आपदा में घिरे प्रदेश के 168 तीर्थयात्रियों को सोमवार को विशेष विमान से इंदौर लाया गया। प्रदेश सरकार ने यात्रियों के लिए जेट एयरवेज के विमान का इंतजाम किया था। लाए गए यात्रियों में सर्वाधिक 90 यात्री रतलाम जिले के हैं, जबकि इंदौर के 23 हैं। इसके अलावा उज्जैन के 22, भोपाल व रायसेन के 11, सीहोर और कटनी के 5-5 और खरगोन के दो यात्री हैं। इन यात्रियों में से अधिकांश जोशीमठ में सुरक्षित स्थान पर थे। केदारनाथ और बद्रीनाथ के दुर्गम इलाकों और पहाड़ों पर अब भी प्रदेश के कई यात्रियों के फंसे होने की संभावना है। ऐसे यात्रियों के पास अब तक सरकारी मदद नहीं पहुंच पाई है। बद्रीनाथ के पास बड़वानी और इंदौर के करीब 68 श्रद्धालु अब भी फंसे हुए हैं। ये लोग वहां भागवत कथा सुनने गए थे। इंदौर के 50 यात्री अब तक लापता हैं। सोमवार को जेट एयरवेज के विशेष विमान ने देहरादून से उड़ान भरी। रात करीब 8.50 पर विमान इंदौर एयरपोर्ट पर उतरा। जिन लोगों के परिजन केदारनाथ यात्रा में लापता हैं, वे उनके मिलने की उम्मीद में दो घंटे पहले एयरपोर्ट पर इंतजार में खड़े थे। जैसे ही विमान से यात्री बाहर आए एयरपोर्ट पर मौजूद आंखें अपनों की तलाश करने लगीं। अपने फंसे हुए परिजन को सकुशल देखकर वे एक-दूसरे से लिपट गए। आंखें डबडबा आई। जिनके परिजन नहीं आए, उन्हें निराशा हाथ लगी। यात्रियों के आने की सूचना पर जिला प्रशासन दोपहर में ही तैयार हो गया था। एसडीएम डीके नागेंद्र, रजनीश कसेरा, बीबीएस तोमर आदि शाम 5 बजे से यात्रियों के इंतजार में एयरपोर्ट पहुंच गए थे। विमान पहुंचने से कुछ देर पहले संभागायुक्त संजय दुबे, कलेक्टर आकाश त्रिपाठी, अपर कलेक्टर रवींद्रसिंह, आरटीओ संजय सोनी, अधीक्षक एमवाय डॉ. पीएस ठाकुर के अलावा स्वास्थ्य राज्यमंत्री महेंद्र हार्डिया, महापौर कृष्णमुरारी मोघे, विधायक मालिनी गौड़, सुदर्शन गुप्ता, रमेश मेंदोला आदि भी पहुंचे। जनप्रतिनिधियों ने सकुशल लौटे यात्रियों का स्वागत किया। यात्रियों के मेडिकल परीक्षण के लिए एमवाय और जिला अस्पताल के डॉक्टरों की टीम मौजूद थीं। बसों से किया रवाना अलग-अलग रूट के यात्रियों के लिए प्रशासन ने बसों का इंतजाम किया। यात्रियों को भोजन के पैकेट देकर बसों से उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया।