16 February 2019



राष्ट्रीय
राहत कार्य का श्रेय लेने को लेकर कांग्रेस-टीडीपी सांसदों में मारपीट
26-06-2013

देहरादून। उत्तराखंड में राहत आौर बचाव के दौरान हेलीकॉप्टर क्रैश में अपने साथियों को खो देने के बाद भी सेना के जवान लोगों को बचाने में जी-जान से जुटे हैं। दूसरी तरफ राहत कार्य का श्रेय लेने के होड़ में नेता लोग आपस में लड़ने पर उतारू हो गए हैं। उत्तराखंड में फंसे आंध्रप्रदेश के लोगों को सुरक्षित निकाले का श्रेय लेने के चक्कर में बुधवार को कांग्रेस और टीडीपी के नेता आपस में भिड़ गए। सूत्रों क अनुसार कांग्रेस नेता हनुमंत राव और टीडीपी नेता रमेश राव के बीच देहरादून के जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर गाली-गलौज तथा हाथापाई हो गई उधर, सेना के जवान लोगों को बचाने में जी-जान से जुटे हैं। हालांकि मौसम अभी भी उनका साथ नहीं दे रहा है। चारों तरफ धुंध और रुक-रुक कर बारिश होने के कारण बुधवार की सुबह बचाव कार्य कुछ देर से शुरू हो सका। इसी बीच सैनिकों का हौसला बढ़ाने आज सुबह वायु सेनाध्यक्ष एनएके ब्राउन गोचर पहुंचे। उन्होंने कहा, अंतिम व्यक्ति को बचाने तक सेना का ऑपरेशन जारी रहेगा। दुखद घटनाओं के बीच वायु सेना अध्यक्ष एनएके ब्राउन और आइटीबीपी के डीआइजी इंद्र सिंह नेगी ने राहत की खबर दी है। ब्राउन ने बुधवार को गौचर में कहा कि केदारनाथ से सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। अब बदरीनाथ में राहत कार्य चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मौसम ने साथ दिया तो चार दिन के अंतराल में राहत एवं बचाव कार्य पूरा कर लिया जाएगा। बदरीनाथ में अभी भी करीब चार हजार लोग अलग-अलग स्थानों में फंसे हुए हैं। इधर, एयर चीफ मार्शल ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहेगा। महिलाओं और बुजुगों के साथ ही घायलों और बच्चों को पहले सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान वायुसेना अध्यक्ष ब्राउन ने कहा कि ये दुर्घटना सेना के मंसूबों को नहीं तोड़ सकेगी। सेना उसी जज्बे के साथ जान पर खेल कर आपदा में फंसे लोगों की जान बचाएगी। ब्राउन ने हेलीकॉप्टर में सवार सभी 20 लोगों के मौत की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि 13 शव बरामद किए गए है और शेष को ढूंढने के लिए चार हेलीकॉप्टर और कुछ कमांडो घटनास्थल के लिए रवाना कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हेलीकॉप्टर का डेटा वॉयस रिकॉर्डर मिल गया है और इसे जांच के लिए चंडीगढ़ भेजा गया है। इधर, उत्तराखंड सरकार ने हेलीकॉप्टर में दुर्घटनाग्रस्त हुए शहीद जवानों के सम्मान में एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया है और मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है। दूसरी ओर मौसम विभाग के मुताबिक उत्तराखंड में आज भी भारी बारिश हो सकती है। अगले कुछ दिनों के भीतर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई इलाकों में भारी बारिश का अंदेशा है। बताया जा रहा है कि बदरीनाथ में चार और हर्षिल में सात हेलीकॉप्टर की मदद से फंसे यात्रियों को निकालने का काम आज भी जारी है। अभी भी इन दोनों मार्गो पर पांच हजार लोग फंसे हैं। वहीं, आज केदारनाथ में शवों की अंत्येष्टि हो सकती है। उत्तराखंड में बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की वजह से इसकी सेवाएं ली गई। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एम शशिधर रेड्डी के अनुसार हेलीकॉप्टर में वायुसेना के चालक दल व अन्य कर्मियों के साथ आइटीबीपी और एनडीआरएफ के जवान भी थे। यह हेलीकॉप्टर राहत सामग्री और अंतिम संस्कार का सामान लेकर गौचर से केदारनाथ के लिए उड़ा था। केदारनाथ से वापसी के दौरान यह गौरीकुंड के तोशी गांव के नजदीक दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। शहीद हुए जवानों में नौ एनडीआरएफ, छह आइटीबीपी और पांच एयरफोर्स के अधिकारी शामिल थे।

शहीद वायुसेना कर्मियों की सूची :

1. विंग कमांडर डेरेल केस्टेलीनो

2. फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रवीण

3. फ्लाइट लेफ्टिनेंट पी कपूर

4. जूनियर वारंट ऑफीसर एके सिंह

5. सार्जेट सुधाकर