17 February 2019



प्रादेशिक
मेरे कहने पर उत्तराखंड में वीआईपी के आने पर लगी रोक: शिंदे
26-06-2013
\'उत्तराखंड में आई बाढ़ के बाद सरकार का पहला मकसद वहां फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का है। इसी वजह से मेरे कहने पर उत्तराखंड सरकार ने वीआईपी के आने पर रोक लगाई है। वीआईपी के आने से बल उनकी सुरक्षा में तैनात हो रहा था, जिससे राहत बचाव कार्य में परेशानी हो रही थी।\' यह कहना है केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे का। वे भारत भवन में आयोजित कार्यक्रम से पहले मीडिया से चर्चा कर रहे थे। हालांकि वे इस बात का जवाब नहीं दे सके कि जब वीआईपी के उत्तराखंड आने पर रोक है, तो फिर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को वहां जाने से क्यों नहीं रोका गया। शिंदे के मुताबिक उत्तराखंड में करीब डेढ़ हजार लोगों के मारे जाने की आशंका हैं। हालांकि इस बारे में सटीक जानकारी राहत एवं बचाव कार्य पूरा होने के बाद ही लग सकेगी। बुंदेली को आठवीं अनुसूची में शामिल करने पर होगा विचार भारत भवन में बुंदेल दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में गृह मंत्री शिंदे ने कहा कि बुंदेली भाषषा को वे संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने पर विचार करेंगे। हालांकि उनके पास पहले से देश की 18 भाषाओं को इस अनुसूची में शामिल करने की मांग लंबित है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि साहित्यकार देश का प्रतीक होता है। साथ ही जहां साहित्यकार का सम्मान नहीं होता है, वह देश कभी तरक्की नहीं कर पाता है। इस अवसर पर सांसद प्रियव्रत चतुर्वेदी ने बुंदेली भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की। कार्यक्रम में राई नृत्य का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल रामनरेश यादव और कृषि मंत्री रामकृष्ण कुसमारिया मौजूद थे।