19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
सीमा विवाद पर नए रास्ते तलाशने को तैयार चीन
29-06-2013

बीजिंग। चीन ने शुक्रवार को कहा कि वह भारत से सीमा विवाद सुलझाने के लिए नए रास्ते तलाशने को तैयार है। लद्दाख क्षेत्र में हाल की घुसपैठ के बाद दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों ने प्रस्तावित सीमा सुरक्षा सहयोग करार (बीडीसीए) पर बातचीत की। इससे पहले चीन के प्रधानमंत्री ली कछयांग ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एवं इस वार्ता के विशेष प्रतिनिधि शिवशंकर मेनन का स्वागत किया। उन्होंने ने बाढ़ के कारण उत्तराखंड में हुई तबाही और नुकसान पर संवेदना जताई और उस हादसे से उबरने के लिए भारत को सहायता का प्रस्ताव दिया। लद्दाख क्षेत्र में घुसपैठ की मई की उस घटना के बाद दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों की दो दिवसीय सीमा वार्ता के दौरान शुक्रवार को हुई 16 वें दौर की बातचीत में इसका शीघ्र हल निकालने की संभावना तलाशी जा रही है। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार व वार्ता के लिए विशेष प्रतिनिधि शिवशंकर मेनन ने चीन के अपने नए समकक्ष यांग जिएची के साथ पहले दौर की वार्ता को मैत्रीपूर्ण माहौल में हुई उत्साहवर्धक बातचीत बताया। चीन के नवनियुक्त विशेष प्रतिनिधि यांग जिएची ने यहां कहा, \'मैं अपने पूर्ववर्ती द्वारा किए गए कार्य को आगे बढ़ाने के लिए आपके साथ काम करने को तैयार हूं। मैं आने वाले समय में भारत-चीन सीमा विवाद को सुलझाने एवं चीन व भारत की साझा रणनीतिक भागीदारी बढ़ाने में प्रगति के लिए नए रास्ते तलाशने के लिए तैयार हूं।\' मेनन ने कहा कि बातचीत मुख्य रूप से सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए तंत्र को मजबूत करने पर केंद्रित थी। अगले हफ्ते भारत के रक्षा मंत्री एके एंटनी जब चीन दौरे पर आएंगे तो बीडीसीए पर आगे की बातचीत होगी। एंटनी चार से सात जुलाई तक चीन दौरे पर रहेंगे। चीन के प्रधानमंत्री ली कछयांग ने शुक्रवार को कहा कि उनकी हाल की भारत यात्रा ने आपसी भरोसा और दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ाया है।