22 February 2019



राष्ट्रीय
इशरत जहां का एनकाउंटर था फर्जी: सीबीआइ
03-07-2013

नई दिल्ली। इशरत जहां एनकाउंटर मामले में सीबीआई ने नौ साल बाद बुधवार को अहमदाबाद की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की। चार्जशीट में यह कहा गया है कि इशरत जहां का एनकाउंटर फर्जी था। चार्जशीट में गुजरात पुलिस के डीआइजी बंजारा, जीएल सिंघल सहित सात अधिकारियों का भी नाम है। इसमें गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह का नाम नहीं है। चार्जशीट पर सवाल उठाते हुए भाजपा ने पूछा है कि सीबीआइ इशरत के आतंकी संगठन लश्कर से संबंधों को लेकर चुप क्यों है? चार्जशीट में आईपीएस अधिकारी जी एल सिंघल, आईपीएस अधिकारी डी जी वंजारा , डिप्टी एसपी नरेंद्र अमीन, पुलिस अधिकारी जी जे परमार, फरार आईपीएस अधिकारी पी पी पांडे, डिप्टी एसपी तरुण बारोट और अनाजु चौधरी के नाम शामिल हैं। इन सभी पर अपहरण, आ‌र्म्स एक्ट, हत्या और सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप लगाए गए हैं। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब जांच एजेंसी गुजरात हाईकोर्ट में इस मामले की स्टेटस रिपोर्ट बृहस्पतिवार को पेश करेगी। इससे पहले कोर्ट ने सीबीआई को चार जुलाई तक चार्जशीट दायर करने के आदेश दिए थे। इससे पहले, खुफिया एजेंसी के पूर्व विशेष निदेशक राजेंद्र कुमार से सीबीआइ ने बीएसएफ मुख्यालय पर पूछताछ की थी। सीबीआइ ने राजेंद्र कुमार से इशरत जहां मुठभेड़ मामले में आईबी की ओर से जारी इनपुट व अलर्ट के संबंध में पूछताछ की। इसके अलावा सीबीआइ ने उनसे इस मुठभेड़ के संबंध में भी पूछताछ की जिसमें सबसे अहम सवाल यह था कि क्या उन्हें इशरत जहां व उसके साथियों की फर्जी मुठभेड़ के संबंध में कोई जानकारी थी। खबर है कि गृह मंत्रालय द्वारा राजेंद्र कुमार पर कार्रवाई की इजाजत देने से इन्कार करने के बाद सीबीआइ ने उनका नाम चार्जशीट में नहीं डाला है। इसके साथ यह भी कहा जा रहा है कि चार्जशीट में मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन गृह राज्य मंत्री अमित शाह का नाम भी नहीं है।