17 February 2019



प्रादेशिक
दो करोड़ की सुपारी लेकर मारा आयकर छापा
03-07-2013
हाई कोर्ट से क्लीनचिट मिलने के बाद से आक्रामक तेवर अपनाए हुए आईएएस अफसर डॉ.राजेश राजौरा ने आयकर छापे को लेकर सनसनीखेज आरोप लगाकर हलचल मचा दी है। डॉ. राजौरा ने आधा दर्जन आयकर अफसरों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराने महाराणा नगर पुलिस थाने में आवेदन दिया है। इसमें आरोप लगाया है कि मुझे फंसाने के लिए कुछ प्रभावशाली लोगों ने दो करोड़ रुपए में सुपारी दी थी। राजौरा ने कहा कि यह आपराधिक कार्रवाई तत्कालीन महानिदेशक अन्वेषण एसएस राणा को चार माह तक आवास आवंटित नहीं करने के चलते सबक सिखाने की गरज से की गई थी। पुलिस आवेदन का परीक्षण करने और विधिक सलाह लेने के बाद कार्रवाई करने या नहीं करने का फैसला करेगी।

आयकर अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए डॉ. राजौरा मंगलवार को डेढ़ बजे के करीब अपने वकील अजय गुप्ता के साथ पुलिस थाने पहुंचे। उन्होंने नगर पुलिस अधीक्षक अरविंद खरे को एफआईआर दर्ज करने पांच पृष्ठ का आवेदन [90 पेज के परिशिष्ट के साथ] दिया। उनके अधिवक्ता अजय गुप्ता ने बताया कि आयकर अफसर राणा ने आवास आवंटन के लिए आवेदन दिया था। नियमानुसार वे चाहे गए आवास की पात्रता नहीं रखते थे इसलिए आवंटन नहीं किया गया। बाद में मुख्यमंत्री ने अपने विशेषाधिकार कोटे से आवंटन करने के निर्देश दिए तो तत्कालीन गृह सचिव डॉ.राजौरा ने उसी दिन आवंटन आदेश जारी कर दिए। लेकिन, आयकर अधिकारी आवंटन में हुई देरी को मन में बैठा लिया और सबक सिखाने की गरज से बाद में छापामार कार्रवाई को पद का दुरपयोग करते हुए अंजाम दिया। आधारहीन तथ्यों के साथ की गई इस कार्रवाई को हाईकोर्ट ने गलत ठहराया है।

डॉ. राजौरा की ओर से पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि तत्कालीन स्वास्थ्य संचालक डॉ. योगीराज शर्मा के घर पर आयकर विभाग के छापे में कथित रूप से जब्त कागज के एक टुक़़डे के मध्य कूटरचना कर फंसाने का आपराधिक षडयंत्र किया गया। इसलिए कूटरचना कर दस्तावेज तैयार करने, शासकीय अभिलेख में जालसाजी करने, आपराधिक षडयंत्र रचने और पद के दुरपयोग के लिए आयकर अफसरों के खिलाफ डे़़ढ दर्जन धाराओं में अपराध दर्ज किया जाए। डॉ.राजौरा ने दावा कि इन लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ करने, आयकर भवन के अभिलेखों को जब्त करने एवं अन्वेषण करने पर इस प्रकरण के साथ ही आपराधिक साजिश एवं षडयंत्र के चौंकाने और विस्फोटक रहस्यों से पर्दा उठाया जा सकता है।

इनके खिलाफ शिकायत

-एसएस राणा, तत्कालीन महानिदेशक [अन्वेषषण]

-एके सिंह, तत्कालीन निदेशक [अन्वेषषण]

-अनूप दुबे, तत्कालीन अतिरिक्त निदेशक [अन्वेषण]

-विनोदानंद झा तत्कालीन आयकर आयुक्त

-प्रवीणा, तत्कालीन उपायुक्त आयकर

-मनोज तिवारी, तत्कालीन आयकर अधिकारी

-हस्तलिपि विशेषज्ञ

-छापे के लिए आई टीम के सदस्य

न्याय की उम्मीद

अजय गुप्ता, डॉ.राजौरा के वकील ने कहा कि हमने डॉ.राजौरा की ओर से एमपीनगर थाने में आयकर अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने आवेदन दिया है। उम्मीद है हमें यहां न्याय मिलेगा।

परीक्षण के बाद कार्रवाई

अरविंद खरे, नगर पुलिस अधीक्षक भोपाल ने बताया कि आईएएस अफसर डॉ.राजौरा अपने वकीलों के साथ आयकर अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने आए थे। उनका आवेदन ले लिया गया है। इसकी प़़डताल एमपीनगर पुलिस कर रही है। परीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।