19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
17 करोड़ में बिका पटियाला के महाराजा का डिनर सेट
05-07-2013

लंदन। पटियाला के पूर्व महाराजा भूपेंद्र सिंह की विलासितापूर्ण और भव्य जीवनशैली की झलक देने वाले सोने की परत चढ़े चांदी के डिनर सेट की रिकॉर्ड कीमत में नीलामी हुई है। लंदन स्थित नीलामीघर क्रिस्टी के अनुसार यह डिनर सेट 19.6 लाख पौंड [करीब 17.7 करोड़ रुपये] में बिका। इसे खरीदने वाले का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। 1400 बर्तनों वाला यह डिनर सेट अनुमानित कीमत से दोगुनी कीमत पर नीलाम हुआ। इसके 10 लाख से 15 लाख पौंड [करीब नौ से 13 करोड़ रुपये] में बिकने का अनुमान लगाया गया था। इसकी शुरुआती बोली 13 लाख पौंड [करीब 11 करोड़ रुपये] लगाई गई थी। 500 किलोग्राम के इस डिनर सेट को वर्ष 1922 में प्रिंस ऑफ वेल्स की पटियाला यात्रा के दौरान महाराजा भूपेंद्र सिंह ने खास तौर पर तैयार करवाया था। यही प्रिंस ऑफ वेल्स बाद में किंग एडवर्ड अष्टम बने थे। प्रिंस 22 फरवरी, 1922 को छुट्टियों पर पटियाला में शिकार करने और पोलो खेलने के लिए आए थे। दो दिन बाद वह महाराजा के मुख्य अतिथि के तौर पर रात्रि भोज में शामिल हुए। उसी रात वह वापस भी चले गए। डिनर सेट लंदन की कंपनी गोल्डस्मिथ एंड सिल्वरस्मिथ ने बनाया था, जिसे बाद में गैराडर्स नामक कंपनी ने खरीद लिया था। डिनर सेट के हर बर्तन पर लाजवाब कारीगरी है। इसके हर बर्तन पर जानवरों, राजचिन्ह और पत्तियों के चित्र उकेरे गए हैं। इस डिनर सेट को इससे पहले 1977 में नीलाम किया गया था। क्रिस्टी नीलामीघर के हैरी विलियम्स बल्कले के अनुसार इस डिनर सेट की खासियत यह है कि ये 200 लोगों के लिए हैं। इसमें विभिन्न प्रकार के बर्तन हैं। महाराजा भूपेंद्र सिंह भारत के पहले ऐसे शख्स थे, जो विमान के मालिक थे और पटियाला एविएशन क्लब के संस्थापक थे। पटियाला के शाही परिवार की विलासितापूर्ण जीवनशैली के बारे में बताते हुए क्रिस्टी के प्रवक्ता ने बताया कि महाराजा और उनकी पत्‍‌नी ने बहुमूल्य हार में हीरा जड़वाने के लिए नामी गिरामी कंपनी कार्टियर की सेवा ली थी। महाराजा मोटरकारों के भी बेहद शौकीन थे। वे 20 रॉल्स रॉयस गाड़ियों के काफिले में चलना पसंद करते थे। कहा जाता है कि एकबार रॉल्स रॉयस ने उन्हें गाड़ियां देने से मना कर दिया था, जिसके बाद अपनी ताकत और प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने वायसराय से रॉल्स रॉयस पर अपना फैसला बदलने के लिए दबाव डलवाया था।