24 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
भारत-चीन मतभेद सुलझाने में जल्दबाजी नहीं: खुर्शीद
05-07-2013
भारतीय विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है कि भारत और चीन के बीच सीमा विवाद से जुड़े मतभेदों को सुलझाने में कोई जल्दबाजी नहीं करेंगे। उनका यह बयान भारत और चीन की सेनाओं के बीच किसी तरह का टकराव टालने व सीमा समझौते पर चर्चा के लिए भारतीय रक्षा मंत्री एके एंटनी की चीन यात्रा के दौरान आया है। स्ट्रेट टाइम्स अखबार को दिए साक्षात्कार में खुर्शीद ने कहा, \'मुझे लगता है कि हमें इस मुद्दे को लेकर अचानक सतर्क या बेचैन होने की जरूरत नहीं है। इस मुद्दे पर हम तेजी से नहीं, लेकिन लगातार प्रगति कर रहे हैं। मगर हमारा यह संबंध हमारे बीच टकराव का कारण बनने वाले सभी कठिन मुद्दों से पूरी तरह उबर नहीं पाया है।\' खुर्शीद तीन दिवसीय दौरे पर सिंगापुर आए हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि दोनों पक्ष इन मसलों को सुलझाने को लेकर प्रयासरत हैं। मगर हमें यह भी पता है कि अगर आप समाधान निकालने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं तो इसे हल करने में आपको मदद नहीं मिल पाएगी।\' गौरतलब है कि भारत कहता है कि नियंत्रण रेखा के पास सीमा विवाद चार हजार किमी क्षेत्र को लेकर है जबकि चीन का कहना है सीमा विवाद 2000 किमी यानी अरुणाचल प्रदेश तक ही सीमित है। भारत की चिंताओं का जवाब देगा पाकिस्तान : भारतीय विदेश मंत्री ने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान की नई सरकार भारत की तात्कालिक चिंताओं का सकारात्मक जवाब देगी और 2008 के मुंबई हमलों के मामले में जवाबदेही तय करेगी। खुर्शीद ने कहा कि इसके लिए जरूरी है कि पहले पाकिस्तान की नई सरकार को ठीक से पांव जमा लेने दें। हालात से वाकिफ हो लेने दें। यह पूछे जाने पर कि नवाज शरीफ के नेतृत्व में वह पाकिस्तान के साथ बेहतर संबंधों की उम्मीद करते हैं, जिन्होंने कारगिल युद्ध शुरू किया था? खुर्शीद ने कहा, कारगिल युद्ध अब इतिहास की बात हो गई है। अब हम इसमें नहीं जाना चाहते। क्या भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपना कार्यकाल समाप्त होने से पहले पाकिस्तान जाएंगे? इस सवाल के जवाब में खुर्शीद ने कहा इस बारे में कुछ नहीं कह सकता।