22 February 2019



राष्ट्रीय
फर्जी मुठभेड़ केस में 21 दोषी, प्रदीप शर्मा बरी
05-07-2013
महाराष्ट्र के लखन भैया फर्जी मुठभेड़ मामले में बहुचर्चित एनकाउंटर स्पेशलिस्ट इंस्पेक्टर प्रदीप शर्मा को अदालत ने सभी आरोपों से बरी कर दिया है। हालांकि वरिष्ठ पुलिस अफसर प्रदीप सूर्यवंशी पर आरोप साबित हुए हैं। कोर्ट ने 13 अन्य पुलिसकर्मियों सहित 20 को दोषी करार दिया है। सभी अभिुक्तों को सजा सोमवार को सुनाई जाएगी। एनकाउंटर स्पेशलिस्ट शर्मा सहित कुल 22 लोगों पर राम नारायण गुप्ता उर्फ लखन भैया के फर्जी एनकाउंटर मामले में मुकदमा चल रहा था। अभियोजकों के मुताबिक, पुलिस ने 11 नवंबर, 2006 को छोटा राजन गिरोह से संबंध रखने के संदेह में लखन भैया और अनिल भेड़ा को उनके घर से उठा लिया था। लखन को उसी दिन फर्जी मुठभेड़ में मार दिया गया। मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए लखन भैया के वकील भाई रामप्रसाद गुप्ता ने इसे नृशंस हत्या करार दिया था। रामप्रसाद की अपील पर ही मुंबई हाई कोर्ट ने घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए थे। न्यायिक जांच में आरोप साबित होने के बाद 2009 में हाई कोर्ट ने एसआइटी गठित कर मुठभेड़ की जांच के निर्देश दिए थे। एसआइटी जांच में प्रदीप शर्मा व 21 अन्य को आरोपी बनाया गया था। लखन के फर्जी मुठभेड़ कांड का चश्मदीद अनिल भेड़ा भी गवाही के कुछ दिन पहले 13 मार्च 2011 में अचानक अपने घर से गायब हो गया था। दो माह बाद मिली एक लाश के डीएनए टेस्ट से भेड़ा की पहचान हुई।