24 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
सेना मुर्सी को नहीं हटाती तो शुरू हो जाता गृहयुद्ध
08-07-2013

काइरो, एजेंसियां। नोबेल विजेता मुहम्मद अल बरदेई को मिस्र का अंतरिम प्रधानमंत्री बनाने की घोषणा विपक्ष के विरोध के चलते संकट में फंस गई है। राष्ट्रपति अदली मंसूर के प्रवक्ता ने रविवार को कहा कि अभी बरदेई को प्रधानमंत्री नहीं नियुक्त किया गया है। बरदेई ने आरोप लगाया है कि मुहम्मद मुर्सी मिस्र के राजा की तरह काम कर रहे थे। यदि उन्हें नहीं हटाया जाता तो देश गृहयुद्ध में आग में झुलसता। बरदेई चाहते हैं कि पुनर्गठन की प्रक्रिया में मुस्लिम ब्रदरहुड को भी शामिल किया जाए। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आइएईए) के प्रमुख रह चुके बरदेई (71) ने जर्मन पत्रिका डेर स्पीगल को दिए एक इंटरव्यू में कहा, पूर्व राष्ट्रपति मुर्सी के साथ अपराधी की तरह व्यवहार नहीं किया जा सकता। भले ही उन्होंने अपने एक साल के कार्यकाल मैं ऐसे निर्णय लिए जिन्होंने देश में समस्याएं पैदा कीं। वह जनता पर इस्लामी तौर तरीके थोपने की कोशिश में जुटे थे। वे संविधान को भी इसी रंग में रंग रहे थे। इसके बावजूद मैंने सेना से स्पष्ट कह दिया कि जब तक प्रजातांत्रिक तरीकों को इज्जत नहीं दी जाती, मैं किसी के साथ काम नहीं करूंगा। पूर्व राजनयिक ने कहा कि सेना ने तख्तापलट नहीं किया। देश में करीब दो करोड़ लोग सड़कों पर थे। वे बदलाव की मांग कर रहे थे। सेना को जनता के लिए यह कदम उठाना ही था। वरना देश गर्त में चला जाता। कोई नहीं चाहता था कि ऐसा हो पर हालात ही कुछ ऐसे थे कि बदलाव लाना पड़ा। बरदेई ने कहा कि अगला चुनाव एक साल के अंदर हो सकता है। यदि उसमें मुस्लिम ब्रदरहुड जीतकर आती है तो हमें उसका स्वागत करना चाहिए। अब हमें नए संविधान और सरकार के गठन की कोशिशों में जुटना है। शुक्रवार से मुर्सी समर्थकों और विरोधियों के बीच हो रही हिंसा में 36 लोगों के मारे जाने के बावजूद मुस्लिम ब्रदरहुड ने नए प्रदर्शनों की घोषणा की है। अरब देशों में सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले मिस्र में ताजा प्रदर्शनों के दौरान एक हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। राजधानी काहिरा समेत विभिन्न शहरों और कस्बों में अप्रिय घटनाएं हो रही हैं। ब्रदरहुड ने कहा, हमें सेना की नई सरकार से कुछ लेना-देना नहीं। हम तो बस मुर्सी को वापस राष्ट्रपति पद पर देखना चाहते हैं।