17 February 2019



प्रादेशिक
अविश्वास प्रस्ताव की निकली हवा
12-07-2013
शिवराज सिंह चौहान सरकार के खिलाफ मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव की हवा उनके ही विधायक चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी ने निकाल दी। नेता प्रतिपक्ष अजय ¨सह के अविश्वास प्रस्ताव पर उपनेता ने बागी तेवर दिखाए तो कांग्रेस खेमे में सन्नाटा पसर गया। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा से ठीक पहले चौधरी ने तीन प्रमुख मुद्दों को शामिल न किए जाने का आरोप लगाया और प्रस्ताव के औचित्य पर ही सवाल ख़़डे कर दिए। साथ ही कांग्रेस महासचिव दिग्विजय ¨सह पर भी तीखा निशाना साधा। इस बदले घटनाक्रम के बाद सदन में कांग्रेस भी स्पष्ट रूप से बंटी हुई दिखाई दी। कांग्रेस के निशाने पर आए चौधरी को पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया। जिसके तत्काल बाद ही उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। स्पीकर ईश्वर दास रोहाणी ने गुरुवार को जैसे ही अविश्वास पर चर्चा की शुरआत करवाई तो चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी ने बागी तेवर अपना लिए। उन्होंने कहा कि इस अविश्वास प्रस्ताव में तीन अहम मुद्दे शामिल नहीं किए गए हैं। इनमें उत्तराखंड त्रासदी के शिकार मप्र के 721 तीर्थयात्रियों के बारे में कोई बात नहीं की गई। वहीं, पूर्व वित्त मंत्री राघवजी के कुकृत्यों का मामला भी शामिल नहीं किया गया। इसी घटनाक्रम से जुड़े \'बच्चा-बच्चा राम का, राघवजी के काम का\' ट्वीट पर तीखा एतराज जताते हुए इसे ¨हदू समाज के लिए शर्मनाक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि वे तीन दिन से इन मुद्दों को अविश्वास प्रस्ताव में शामिल करने के लिए मनुहार कर रहे थे लेकिन कोई तव्वजो नहीं दी गई। इसलिए मैं अविश्वास प्रस्ताव का विरोध कर रहा हूं। चौधरी के इस रवैए से गदगद भाजपा के सदस्यों ने उनका भरपूर साथ दिया। हर बात पर न केवल मेजे थपथपाकर समर्थन किया बल्कि कई मौकों पर नारेबाजी भी की। इस औचक घटनाक्रम से कांग्रेसी विधायक अवाक रह गए। पहला मौका मौके को लपकते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश के संसदीय इतिहास में यह पहला मामला है कि नेता प्रतिपक्ष पर उनके ही दल के उपनेता को विश्वास नहीं है। उन्हें अविश्वास प्रस्ताव लाने से पहले अपने दल का विश्वास लेना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने विश्वास साबित किया बाजी हाथ से निकलती देख अजय सिंह ने अपने दल के सदस्यों से विश्वास मत मांग लिया। चौधरी को छो़़डकर सभी कांग्रेसी सदस्य उनके समर्थन में ख़़डे हो गए। इसके बाद सदन में भारी शोरगुल होने लगा और कार्यवाही को अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी ने आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया। पौने एक बजे के आसपास जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो स्थिति को भांपते हुए अजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने विधिवत प्रस्ताव रखा है, इसमें पर्याप्त सदस्यों की संख्या भी शामिल है। किसी एक व्यक्ति के विरोध से चर्चा पर असर नहीं प़़डता है। लेकिन सदन में हंगामा जारी रहा। दांव पर लगाया कैरियर: मुख्यमंत्र मुख्यमंत्री ने कहा कि चौधरी ने सच कहने का साहस दिखाया है। उन्होंने अपना राजनीतिक कॅरियर दांव पर लगा दिया है, वे उपनेता प्रतिपक्ष हैं। जब उनका ही नेता प्रतिपक्ष पर विश्वास नहीं है तो फिर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का कोई औचित्य ही नहीं रह जाता है। मुख्यमंत्री ने \'बच्चा-बच्चा राम का, राघवजी के काम का\' टिप्पणी को आधार बनाते हुए कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि क्या कांग्रेस ने प्रदेश के बच्चों को अपमानित करने का ठेका ले लिया है। उन्होंने कांग्रेस को ललकारते हुए कहा कि मैदान में जनता के बीच आएं, वहीं फैसला होगा। इस पर अजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री में अपने खिलाफ सुनने की हिम्मत नहीं है। हम मैदान में आएंगे लेकिन आप वहां भी नहीं आओगे। इस दरम्यान संसदीय कार्यमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने सदन को अनिश्चिकाल के लिए स्थगित करने का प्रस्ताव रख दिया। हंगामे के बीच ही अध्यक्ष ने संसदीय कार्यमंत्री के प्रस्ताव को मंजूर करते हुए सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।