19 February 2019



राष्ट्रीय
बिहार में मिड डे मील से खौफ
18-07-2013

पटना। सारण जिले में विषाक्त मध्याह्न भोजन (मिड डे मील) खाने से मरने वाले बच्चों का सिलसिला थमा नहीं उससे पहले ही बिहार के मधुबनी जिले से ऐसी ही एक और घटना सामने आ गई। बुधवार को जिले के नवटोलिया मिडिल स्कूल में मध्याह्न भोजन करने के बाद करीब 30 बच्चे बीमार हो गए। सुकून की बात यह है कि समय पर इलाज मिल जाने से सभी अब खतरे से बाहर हैं। इस बीच सारण जिले के धर्मासती गंडामन गांव के प्राइमरी स्कूल में मंगलवार को मध्याह्न भोजन खाने से मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है।

मिड डे मील: आखिर कहां से खरीदी गई थी मौत की सामग्री

दोनों घटनाओं के चलते बिहार में मध्याह्न भोजन को लेकर भय का माहौल बन गया है। पड़ोसी उत्तार प्रदेश और झारखंड में स्कूलों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित इलाके में केंद्र सरकार ने खाद्यान्न का वितरण रुकवा दिया है, बुधवार को तमाम स्कूलों में बच्चों के खाना न खाने की जानकारी मिली है। मंगलवार की घटना के विरोध में आहूत बंद के दौरान छपरा सहित प्रदेश के कई शहरों में हिंसा और आगजनी हुई।

बुधवार को आहूत बंद के दौरान छपरा समेत सारण जिले के बाकी इलाकों में भी दुकानें बंद रहीं और सड़कों पर सार्वजनिक वाहनों का चालन प्रभावित रहा।

मौत का तांडव: जितने मुंह, उतनी बातें

बंद के दौरान तीन पुलिस वाहनों और कुछ निजी वाहनों को तोड़े जाने व उनमें आग लगाए जाने की जानकारी मिली है। छपरा में कैदियों को ले जा रही एक बस पर भी पथराव किया गया जिससे उसके शीशे फूट गए। बंद समर्थकों ने एक पुलिस चेकपोस्ट को भी डंडों और पत्थरों के प्रहार से तहस-नहस कर दिया। बंद का आह्वान विपक्षी दल भाजपा, राजद और लोजपा ने किया था। घटना को लेकर धर्मासती गंडामन और उसके आसपास के गांवों में भारी गुस्सा देखा गया। मृत बच्चों के शव लेकर गांव पहुंचे कई ग्रामीणों ने शवों को स्कूल के सामने ही दफना दिया और सरकार विरोधी नारेबाजी की।

तस्वीरों में देखें बिहार में मिड डे मिल से मौत का तांडव

आमाशय में मिला ऑर्गेनिक फॉस्फोरस

बिहार के शिक्षा मंत्री पीके शाही ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सब्जी बनाने में प्रयुक्त हुआ रिफाइंड ऑयल बदबूदार होने की जानकारी मिली है। बीमार बच्चों का इलाज कर रहे डॉक्टरों को आमाशय में रासायनिक पदार्थ ऑर्गेनिक फॉस्फोरस के अंश मिले हैं।

मौत के बाद इस मार्मिक दृश्य को देखकर किसी को भी रोना आ जाए

राजनीतिक साजिश से इन्कार नहीं

शाही ने घटना के पीछे राजनीतिक साजिश की आशंका से भी इन्कार नहीं किया है। उन्होंने बताया कि जांच में स्कूल की प्रधानाध्यापिका के पति का एक राजनीतिक दल के साथ संबंध होने की बात सामने आई है। खाना बनाने वाली महिला मंजू देवी ने बताया है कि उसे प्रधानाध्यापिका मीणा देवी के पति ही खाना बनाने के लिए खाद्यान्न व अन्य सामग्री दिया करते थे।

प्रधानाध्यापिका के खिलाफ मुकदमा

जांच में पता चला है कि तैयार खाने में बदबू आ रही थी लेकिन प्रधानाध्यापिका ने बच्चों को उसे खाने के लिए दबाव बनाया। खाना खाने के बाद जब कुछ बच्चों ने पेट दर्द की शिकायत की तो उन्हें घर भेज दिया गया। घर पहुंचने पर बच्चों की तबियत बिगड़ गई तब उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। घटना की बाबत स्कूल की प्रधानाध्यापिका के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। प्रधानाध्यापिका और उनके परिजन फरार हैं।

तीन अभी भी गंभीर

मंगलवार देर रात पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाए गए बच्चों में से तीन और की बुधवार को मौत हो गई, मंगलवार को 19 बच्चों की मौत हुई थी। अस्पताल में भर्ती 25 बच्चों में से तीन की दशा अभी भी गंभीर हैं।

\'वैशाली के रहने वाले एक मंत्री के रिश्तेदार मिड डे मील के अनाज की आपूर्ति कर रहे हैं। अब हमारा हल्ला बोल शुरू हो चुका है। मिड डे मील योजना में हर स्तर पर भ्रष्टाचार है।\'

- लालू प्रसाद यादव, राजद

\'मध्याह्न भोजन कांड के लिए अगर कोई एक व्यक्ति जिम्मेदार है, तो वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं। उन्होंने अगर संवेदनशीलता दिखाई होती तो बच्चों की जान बच सकती थी।\'

- सुशील कुमार मोदी, भाजपा