19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
हसीना सरकार व मुहम्मद यूनुस के बीच फिर तकरार
19-07-2013

ढाका। नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस और बांग्लादेश सरकार के बीच एक बार फिर तकरार शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री शेख हसीना की टिप्पणी पर जारी बयान वापस नहीं लेने पर प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से यूनुस के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। मीडिया में जारी बयान में प्रधानमंत्री कार्यालय [पीएमओ] ने कहा है कि यूनुस के विचारों व कार्यो को प्रचारित करने वाली उनकी संस्था अपुष्ट खबरों के आधार पर बयान जारी कर देश की प्रधानमंत्री को अपमानित करने की कोशिश कर रही है। पीएमओ की यह प्रतिक्रिया यूनुस सेंटर के उस बयान के दो दिन बाद आई, जिसमें शेख हसीना द्वारा हाल में की गई टिप्पणी की निंदा की गई थी। कुछ अखबारों में प्रकाशित खबर में हसीना के हवाले से कहा गया था कि नार्वे की टेलीनॉर कंपनी ने यूनुस के लिए लॉबिंग की और भारी भरकम धनराशि क्लिंटन फाउंडेशन को दान में दी, जिसके कारण उन्हें वर्ष 2006 में नोबल पुरस्कार मिल सका। यही नहीं कई ताकतवर देश भी यूनुस को सहारा दे रहे हैं। हालांकि बयान में यह स्पष्ट करते हुए पीएमओ ने कहा कि नोबल विजेता की प्रतिष्ठा धूमिल करने की सरकार की कोई मंशा नहीं है। यूनुस सेंटर की ओर से गलत प्रचार किया जा रहा है, यह सरकार और नोबल विजेता का अपमान है। मंगलवार को सेंटर की ओर से बयान जारी किया गया था। इसमें प्रधानमंत्री से अखबारों में प्रकाशित रिपोर्ट की सच्चाई बताने की मांग करते हुए यूनुस के खिलाफ सभी शिकायतों को आधारहीन करार दिया गया था।