15 February 2019



राष्ट्रीय
मैनपुरी के वनकटी में मिले शक्तिपीठ के अवशेष
20-07-2013
कुछ साल पहले तक दस्युओं के खौफ से थर्राने वाली उत्तर प्रदेश की मैनपुरी सदियों पहले बड़ी धर्मनगरी थी। औंछा में प्राचीन मंदिर के अवशेष मिलने के बाद अब वनकटी गांव में प्राचीन शक्तिपीठ होने की जानकारी सामने आई है। वक्त के थपेड़ों से जमीन में गुम हुई इस विरासत पर विशेषज्ञों का दल श्रंगी ऋषि के आश्रम के साथ ही वनकटी शिव मंदिर में मिले पुरावशेषों का परीक्षण करने पहुंचा। इस दौरान कई और पुरावशेष भी मिले। इनके भी दसवीं सदी के होने का अनुमान है। बीती नौ जुलाई को मैनपुरी की ग्राम पंचायत औंछा स्थित श्रंगी ऋषि के आश्रम में टीले के समतलीकरण के दौरान दर्जनभर से ज्यादा पुरावशेष मिले थे। जागरण की टीम ने जब इन पुरावशेषों का परीक्षण कराया और जानकारी जुटाई तो श्रंगी ऋषि आश्रम में 10वीं सदी में विद्यमान मंदिर के बारे में पता चला। इसके अगले दिन ही श्रंगी ऋषि के आश्रम से पांच किलोमीटर दूर बल्लमपुर के निकट वनकटी गांव स्थित शिव मंदिर में भी टीले की खुदाई के दौरान भगवान हरिहर की मूर्ति और अन्य पुरावशेष निकल आए। जागरण ने इन पुरावशेषों के भी लगभग उसी काल के होने की बात उजागर की। शनिवार को अधीक्षण पुरातत्वविद आगरा सर्किल एनके पाठक ने दो सहायक पुरातत्वविद केबी शर्मा और महेंद्र पाल को जागरण की टीम के साथ औंछा भेजा। वनकटी में प्राचीन शक्ति पीठ के पुरावशेष होने का अनुमान है। वहां करीब सात फुट का शिवलिंग मिला है। लेकिन यह शिवलिंग खंडित है। एएसआइ के विशेषज्ञों ने तलाश की तो वहां प्राचीन बर्तनों के टुकड़े, कई प्राचीन मूर्तियों के टुकड़े और मंदिर का हिस्सा रहे पत्थर भी मिले हैं।