18 February 2019



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पैसे नहीं थे छोड़ गए शव
20-07-2013
बिहार के एक ड्राइवर की लाश पुलिस के लिए सिरदर्द बन गई है। शव परिजन अस्पताल में इसलिए छोड़ गए थे, क्योंकि इलाज का बिल ही सवा लाख रुपये हो चुका था। जब शव अस्पताल में पड़ा रहा तो अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को खबर की। पुलिस ने परिजनों से संपर्क साधा तो उन्होंने कहा कि वे उसका सांकेतिक अंतिम संस्कार कर चुके हैं। अब पुलिस यह तय नहीं कर पा रही है कि शव को लावारिस मानें या उसे संस्थान को सौंपे। राजेंद्र नगर पुलिस के अनुसार 30 जून को चोइथराम अस्पताल में शंकर वासु नामक एक ड्राइवर बीमारी के चलते भर्ती हुआ था। उसे पीथमपुर स्थित एक ट्रांसपोर्ट के लोग भर्ती करा गए थे। बाद में उसके परिजन भी बिहार से इंदौर आए। 16 जुलाई को उसकी मौत हो गई। परिजन जब शव ले जाना चाह रहे थे तो अस्पताल प्रबंधन ने सवा लाख रुपये का बिल थमा दिया। इस पर परिवार ने बताया कि वे इतने रुपये नहीं दे सकते और शव ले जाना चाहते हैं। इस पर अस्पताल ने शव नहीं सौंपा तो परिजन बिना शव लिए लौट गए। दो दिन अस्पताल में शव पड़ा रहने के बाद प्रबंधन ने पुलिस को खबर की। पुलिस ने जिला अस्पताल में पोस्ट मार्टम कराया। अब पुलिस इस चिंता में है कि उसका नाम पता होने के बाद भी शव का अंतिम संस्कार किस तरह से कराएं।