15 February 2019



राष्ट्रीय
सरबजीत सिंह के परिवार को मिलेगा पेट्रोल पंप
25-07-2013
पाकिस्तान की जेल में मारे गए भारतीय सरबजीत सिंह के परिवार को सरकार पेट्रोल पंप या रसोई गैस की एजेंसी दे सकती है। हाल ही में गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री एम. वीरप्पा मोइली को पत्र लिखा है। पेट्रोलियम मंत्रालय इस पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर रहा है, और अगले माह तक इस पर फैसला होने के आसार हैं। सरबजीत सिंह के परिवार को अमृतसर के आसपास के इलाके में पेट्रोल पंप या रसोई गैस एजेंसी देने पर विचार किया रहा है। यह पहला मौका होगा जब विदेश की जेल में मारे गए किसी भारतीय के परिवार को सरकार मरणोपरांत जीवन यापन के लिए पेट्रोलियम उत्पादों की एजेंसी दी जाएगी। इसके पहले कारगिल युद्ध, संसद पर हमले में शहीद हुए जवानों के परिवार वालों को सरकार की तरफ से पेट्रोल पंप या रसोई गैस की एजेंसी दी गई है। मौजूदा नियम के मुताबिक तेल कंपनियों की तरफ से आवंटित कुल एजेंसियों में से आठ फीसद रक्षा विभाग से जुड़े व्यक्तियों, युद्ध या किसी अन्य सैन्य कार्रवाई में मारे गए लोगों के आश्रितों को दिए जा सकते हैं। राजीव गांधी एलपीजी वितरक एजेंसी में एक चौथाई तक एजेंसियों का वितरण इस श्रेणी में किया जा सकता है। पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक वैसे तो मौजूदा नियमों में इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है कि विदेश की जेलों में मारे गए भारतीयों को पेट्रोल पंप दिए जाएं। लेकिन सरबजीत सिंह के मामले में अपवाद स्वरूप इस तरह का फैसला किया जा सकता है। सनद रहे कि पाकिस्तान की जेल में सरबजीत सिंह 22 वर्षो से बंद रहे थे। भारत सरकार की तरफ से उनकी रिहाई की तमाम कोशिशों का कोई सफल नतीजा नहीं निकला। सिंह पर 26 अप्रैल, 2013 में पाकिस्तानी कैदियों ने हमला बोल दिया था। जिसके कारण दो मई, 2013 को उनकी मौत हो गई। भारत में राजकीय सम्मान से उनका अंतिम संस्कार किया गया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उन्हें भारत का महान सपूत करार दिया था। तभी गृहमंत्री ने एलान किया था कि सिंह के परिवार को हरसंभंव मदद की जाएगी।