19 February 2019



अंतरराष्ट्रीय
अदालत ने दिए मुर्सी की गिरफ्तारी के आदेश
27-07-2013

काइरो। मिस्त्र की एक अदालत ने शुक्रवार को फलस्तीनी आतंकी संगठन हमास से संबंधों को लेकर अपदस्थ राष्ट्रपति मुहम्मद मुर्सी को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस आदेश से एक बार फिर मिस्त्र में हिंसा भड़क सकती है। न्यूज एजेंसी मेना के मुताबिक, मुर्सी से जनवरी 2011 में होस्नी मुबारक के खिलाफ आंदोलन के दौरान पुलिस स्टेशन और जेल पर हमले में हमास की मदद करने के मामले में पूछताछ होगी। उस हमले में कई इस्लामी नेताओं के साथ मुर्सी भी जेल से फरार हो गए थे।

देश के पहले निर्वाचित राष्ट्रपति पर हमास के साथ मिलकर षड्यंत्र रचने, कैदियों की हत्या और अधिकारियों व सैनिकों के अपहरण के आरोप लगाए गए हैं। तीन जुलाई को सत्ता से बेदखल किए जाने के बाद यह पहली बार हुआ जब उनके बारे में कोई अधिकृत आदेश आया है। अभी तक सेना यही कहती रही कि सुरक्षा के मद्देनजर 61 वर्षीय मुर्सी को नजरबंद किया गया है। मुर्सी के मामले में यह आदेश तब आया है जब अमेरिका सहित कई देशों ने उन्हें रिहा किए जाने की पैरवी की है।

मुर्सी पर लगाए गए आरोपों को मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रवक्ता गेहाद अल हद्दाद ने सैन्य तानाशाही की साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर हमारा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। सेना प्रमुख जनरल अब्देल अल-सिसि ने देशवासियों से हिंसा और \'आतंकवाद\' से मुकाबले के लिए जनादेश की मांग की है।

ओबामा प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया कि वह मिस्त्र में सैन्य तख्तापलट घोषित नहीं करेगा। इस फैसले से मिस्त्र को सालाना मिलने वाली 150 करोड़ डालर (8845 करोड़ रुपये) की सहायता जारी रह सकेगी। विदेश विभाग के दूसरे नंबर के वरिष्ठ अधिकारी विलियम ब‌र्न्स ने सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेंजिटिव में सांसदों को यह जानकारी दी। यदि अमेरिका इसे तख्तापलट करार देता तो मिस्त्र को मिलने वाली अमेरिकी मदद कानूनी रूप से बंद हो जाती।

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख बान की मून ने मिस्न की सेना द्वारा अपदस्थ किए गये राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी और मुस्लिम ब्रदरहुड के नेताओं को रिहा करने का आह्वान किया है। संयुक्त राष्ट्र के उप प्रवक्ता एडुआडरे डेल बुये ने कहा कि बान ने मुर्सी और उनके उच्च स्तरीय सहयोगियों को रिहा करने या उनके मामलों को बिना देरी किये हुए पारदर्शी तरीके से निपटाने का आह्वान किया है। गत तीन जुलाई से सेना ने मुर्सी और मुस्लिम ब्रदरहुड के कई नेताओं को हिरासत में रखा है।

मुर्सी के समर्थकों और सेना द्वारा आज प्रतिद्वंद्वी रैलियां निकाले जाने के कारण मिस्न में एक बार फिर से तनाव व्याप्त हो गया है। प्रवक्ता ने कहा कि बान मिस्न के घटनाक्रम पर नजर रखे हुये हैं। उन्होंने बताया कि महासचिव ने एक बार फिर सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने की अपील की है।