22 February 2019



राष्ट्रीय
तेलंगाना के विरोध में उठे बगावती सुर
27-07-2013
कांग्रेस और संप्रग सरकार की अलग तेलंगाना राज्य के गठन पर सैद्धांतिक रजामंदी के बाद आंध्र प्रदेश के तेलंगाना क्षेत्र के बाहरी इलाकों में बगावती सुर उठने लगे हैं। शनिवार को तेलंगाना से अलग पड़ने वाले रायलसीमा और तटीय आंध्र प्रदेश के छात्रों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने इसके खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन किया। इन क्षेत्रों सांसदों ने भी प्रधानमंत्री से मिलकर राज्य के बंटवारे के किसी प्रयास का विरोध किया। दिल्ली में डेरा डाले गैर तेलंगाना क्षेत्र के आंध्र प्रदेश के मंत्रियों ने राज्य का बंटवारा होने पर कांग्रेस से इस्तीफा दे देने की चेतावनी दी है। तेलंगाना विरोधी छह सांसद जिनमें केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री एमएम पल्लम राजू, केएस राव, चिरंजीवी और डी पुरंदेश्वरी (सभी तटीय आंध्र प्रदेश के), के बापीराजू और अनंतरामी रेड्डी ने एक प्रतिनिधिमंडल के रूप में आंध्र प्रदेश को एक बनाए रखने के लिए प्रधानमंत्री से मुलाकात की। सांसदों ने उनसे कहा कि यदि आंध्र प्रदेश का बंटवारा होता है तो इसका अप्रत्यक्ष परिणाम न केवल आंध्र प्रदेश बल्कि पूरे देश को भुगतना पड़ेगा। बैठक के बाद राव ने कहा कि राज्य के बंटवारे के बारे में किसी भी फैसले से समस्याएं पैदा होंगी। यह न तो जनता के हित में है और न ही आंध्र प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के हित में है। संवाददाताओं से बातचीत में बापीराजू ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री से कहा कि तेलंगाना राज्य के गठन से महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों में समस्याएं पैदा होंगी जहां पहले से ही अलग राज्य की मांग की जा रही है। वहीं इन क्षेत्रों के आंध्र प्रदेश के मंत्रियों ने बंटवारे के खिलाफ रणनीति तय करने के लिए सांबाशिवा राव के आवास पर बैठक की। इन मंत्रियों का नेतृत्व कर रहे सैलजानाथ ने संवाददाताओं से कहा कि यदि तेलंगाना राज्य बना तो वे सभी इस्तीफा दे देंगे। तेलंगाना समर्थक कांग्रेस सांसद पोनम प्रभाकर ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अलग तेलंगाना राज्य के गठन का कांग्रेस के सांसदों सहित लोगों को विरोध नहीं करना चाहिए क्योंकि पार्टी अब इस बारे में फैसला कर चुकी है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के नेताओं को इसमें अवरोध पैदा नहीं करना चाहिए। तेलंगाना राज्य के गठन की मांग पर कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व व प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के बीच शुक्रवार को उच्च स्तरीय विचार-विमर्श हुआ था। आंध्रप्रदेश के प्रभारी और कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह और उनके पूर्ववर्ती गुलाम नबी आजाद ने मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बोत्सा सत्यनारायण और उपमुख्यमंत्री दामोदर राजानरसिम्हा के साथ अलग-अलग बैठक की थी। माना जाता है कि इन दोनों नेताओं ने राज्य के नेताओं को यह संदेश दे दिया कि पार्टी अब तेलंगाना राज्य के गठन का मन बना चुकी है और इसकी घोषणा के समय का इंतजार है।