19 February 2019



राष्ट्रीय
सभी धर्मो के कट्टरपंथी दोहरेपन के उस्ताद: दिग्विजय
28-07-2013

श्रीनगर। संगीत को गैर-इस्लामिक बताकर कश्मीर में लड़कियों के पहले रॉक बैंड \'प्रगाश\' के खिलाफ फतवा देने मुफ्ती-ए-आजम बशीरुद्दीन अहमद को एक वीडियो में संगीत का आनंद लेते हुए दिखाया गया है। इस पर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने उनकी आलोचना करते हुए ट्विटर पर लिखा है, \'संगीत के गैर-इस्लामिक होने के मसले पर जम्मू-कश्मीर के मुफ्ती-ए-आजम का दोहरापन उजागर हो गया है। सभी धर्मो के कट्टरपंथी दोहरेपन के उस्ताद हैं।\'

हालांकि, दिग्विजय की इस टिप्पणी पर मुफ्ती ने अभी तक टिप्पणी नहीं दी है। लेकिन उन्होंने शनिवार को कहा था कि यह अराजक तत्वों की शरारत है। उनके मुताबिक, यह कोई सांगीतिक कार्यक्रम नहीं था। यह अकबर हैदरी पर एक सेमिनार था जो आल इंडिया रेडियो के निदेशक ने आयोजित किया था। कुरान के पाठ के साथ कार्यक्रम शुरू किया गया और अंत में कैसर निजामी, अकबर हैदरी की कुछ कविताएं पढ़ रहे थे।

मुफ्ती ने इस वीडियो को उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास बताया। वीडियो में दिखाया गया कि मुफ्ती कुछ महिलाओं और अन्य लोगों के साथ एक कार्यक्रम में मौजूद हैं और एक स्थानीय कलाकार हारमोनियम बजाकर गजल गा रहा है। यह वीडियो तेजी से कश्मीर घाटी में प्रसारित हुआ और लोगों ने इस पर तल्ख प्रतिक्रिया दी।

मुफ्ती ने जनवरी में संगीत को गैर-इस्लामिक बताते हुए लड़कियों के रॉक बैंड प्रगाश के खिलाफ फतवा जारी किया था, जिसके बाद लड़कियों ने यह बैंड बंद कर दिया था। यह बैंड तीन स्कूल छात्राएं चलाती थीं।