22 February 2019



राष्ट्रीय
अलग राज्यों की मांग से देश कमजोर होगा: अन्ना
01-08-2013

आजमगढ़। तेलंगाना के गठन के बाद एक ओर जहां पूरे आंध्र प्रदेश में हिंसा का दौर जारी है वहीं दूसरी ओर छोटे राज्यों के बनाए जाने के समर्थन और विरोध में चर्चा भी तेज हो गई है। अलग तेलंगाना से नाराज कुछ मंत्रियों के इस्तीफे के बाद अब अन्ना हजारे ने भी इसके विरोध में आवाज तेज कर दी है। उन्होंने कहा है कि छोटे राज्यों की मांग से देश कमजोर होगा। उत्तर प्रदेश में जनतंत्र रैली के दौरान गुरुवार को भ्रष्टाचार विरोधी अभियान चलाने वाले अन्ना हजारे ने कहा कि अलग तेलंगाना के निमार्ण के बाद उठ रही अलग राज्यों की मांग से देश कमजोर हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का यह फैसला न सिर्फ अलग राज्य बल्कि अलग जिले की मांग को भी प्रोत्साहित करेगा। हजारे ने कहा कि उनकी टीम से अरविंद केजरीवाल और बाबा रामदेव के अलग हो जाने के बावजूद जनता हमारे समर्थन में है और यही हमारे सदस्यों को हौसला देती है। उन्होंने स्पष्ट रूप में यह भी कहा कि उनकी पार्टी या उनकी टीम का कोई भी सदस्य चुनाव नहीं लड़ेगा, वे बस देश की सेवा में तत्पर रहेंगे। जनतंत्र यात्रा के दौरान हजारे ने कहा की उनका उद्देश्य सिर्फ यह है कि संसद में केवल स्वच्छ छवि एवं अच्छे चरित्र वाले इंसान ही पहुंचे। आइएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए हजारे ने कहा कि राज्य सरकार को उनके निलंबन पर पुनर्विचार करना चाहिए। ऐसे क‌र्त्तव्य परायण अधिकारी बहुत मुश्किल से मिलते हैं। जनलोकपाल विधेयक की चर्चा करते हुए अन्ना ने कहा कि आने वाले दिनों में जनलोकपाल को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा।